दिवाली 2020 : सालों बाद शनिवार के दिन पड़ रही दिवाली, जानिए गृहस्थ और व्यापारियों के लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

चैतन्य भारत न्यूज

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर हर साल दिवाली का पर्व मनाया जाता है। इस दिन बुद्धि के दाता भगवान गणेश और धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है ताकि उनका आशीर्वाद हमेशा परिवार पर बना रहे। जिससे घर में सुख-शांति के साथ समृद्धि भी बनी रहे। धार्मिक मान्यता है कि दिवाली के दिन माता लक्ष्मी घर-घर जाकर अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं इसलिए दिवाली से पहले घर की साफ-सफाई और रंगाई-पुताई की जाती है।

कई सालों बाद इस बार दिवाली शनिवार को मनाई जाएगी। यह बेहद दुर्लभ संयोग है। इस साल दिवाली 14 नवंबर 2020 को पड़ रही है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, शनिवार और शनि का स्वराशि मकर में होना सभी के लिए लाभकारी रहेगा। इसके अलावा 17 साल बाद दिवाली सर्वार्थ सिद्धि योग में सेलिब्रेट की जाएगी। इसके पहले ऐसा शुभ मुहूर्त साल 2003 में बना था। दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है। जानिए लक्ष्मी-गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त-

दिवाली 2020 पर लक्ष्मी पूजन शुभ मुहूर्त-

  • लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: 14 नवंबर की शाम 5:28 से शाम 7:24 तक।
  • सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 14 नवंबर की शाम 5:49 से 6:02 बजे तक।
  • प्रदोष काल मुहूर्त: 14 नवंबर की शाम 5:33 से रात 8:12 तक।
  • वृषभ काल मुहूर्त: 14 नवंबर की शाम 5:28 से रात 7:24 तक।

लक्ष्मी पूजा 2020: चौघड़िया मुहूर्त

  • दोपहर: 14 नवंबर की दोपहर 02:17 से शाम को 04:07 तक।
  • शाम: 14 नवंबर की शाम को 05:28 से शाम 07:07 तक।
  • रात्रि: 14 नवंबर की रात 08:47 से देर रात 01:45 तक।
  • प्रात:काल: 15 नवंबर को सुबह 05:04 से 06:44 तक।

गृहस्थों के लिए लक्ष्मी पूजा 2020 मुहूर्त-

  • सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: 14 नवंबर की शाम 5:49 से 6:02 बजे तक।
  • प्रदोष काल मुहूर्त: 14 नवंबर की शाम 5:33 से रात्रि 8:12 तक।
  • वृषभ काल मुहूर्त: 14 नवंबर की शाम 5:28 से रात्रि 7:24 तक।
  • सिंह लग्न मुहूर्त: 14 नवंबर की मध्य रात्रि 12:01 से देर रात 2:19 तक।

व्यापारियों के लिए लक्ष्मी पूजा मुहूर्त

  • सर्वश्रेष्ठ अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:09 से शाम 04:05 तक।

अमावस्या तिथि

इस साल अमावस्या तिथि 14 नवंबर से प्रारंभ होकर 15 नवंबर को सुबह 10 बजकर 36 मिनट तक रहेगी। ऐसे में दिवाली 14 नवंबर को मनाई जाएगी। चूंकि दीपावली अमावस्या तिथि की रात और लक्ष्मी पूजन अमावस्या की शाम को होता है, इसलिए 14 नवंबर को ही महालक्ष्मी पूजन किया जाएगा।

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