डॉक्टरों, इंजीनियरों और मास्टर डिग्री धारक लोगों ने गुजरात हाईकोर्ट में ज्वाइन की चपरासी की नौकरी

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चैतन्य भारत न्यूज

अहमदाबाद. गुजरात हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों ने चपरासी और वर्ग-4 की अन्य भर्ती की नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा के लिए पीएचडी डिग्रीधारक डॉक्टर, बीटेक डिग्रीधारक इंजीनियर और ग्रेज्युएट युवकों ने आवेदनपत्र दिया था। इतना ही नहीं बल्कि जज के समान डिग्री धारक युवकों ने भी चपरासी पद के लिए यह परीक्षा दी थी।



जानकारी के मुताबिक, चपरासी समेत वर्ग-4 की भर्ती के लिए 19 डॉक्टरों ने आवेदन किया था। इनमें से 7 डॉक्टरों ने परीक्षा पास कर 30 हजार रुपए वेतन वाली यह नौकरी स्वीकार की है। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा में कुल 1149 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इन पदों के लिए 1 लाख 59278 आवेदन प्राप्त हुए। इन 1 लाख से ज्यादा आवेदकों में से 44958 ग्रेजुएट डिग्री धारक हैं। परीक्षा की पूरी प्रक्रिया के बाद 7 डॉक्टरों, 450 इंजीनियर, 543 ग्रेजुएट और एलएलएम परीक्षा पास करने वाले युवकों ने भी वर्ग- 4 की नौकरी स्वीकार की है। बता दें इन नौकरी में चपरासी और पानी पिलाने वाले कर्मी भी शामिल हैं।

हाई कोर्ट का जज बनने के लिए एलएलएम की डिग्री मान्य होती है। लेकिन इस परीक्षा में एलएलएम की डिग्री धारक युवकों ने भी चपरासी की नौकरी करना स्वीकार कर लिया है। बता दें यह सरकारी नौकरी है और ट्रांसफरेबल भी नहीं है। हालांकि, यह रिपोर्ट सामने आने के बाद स्पष्ट हो गया है कि पिछले 10 वर्षों में गुजरात में बेरोजगारी का ग्राफ कितना बढ़ गया है। साथ ही राज्य में उच्च शिक्षा के बाद भी नौकरी नहीं मिलती।

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