राजीव गांधी के बेहद करीबी थे डीपी त्रिपाठी, शरद पवार संग सोनिया के विरोध में छोड़ दी थी कांग्रेस

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता और पूर्व सांसद देवी प्रसाद त्रिपाठी का गुरुवार को निधन हो गया। एनसीपी के महासचिव और छात्रसंघ के पूर्व नेता रह चुके डी पी त्रिपाठी पिछले काफी समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।


राजीव गांधी के थे करीबी

29 नवंबर, 1952 को जन्मे डीपी त्रिपाठी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वह जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में छात्र संघ अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति करने के लिए कांग्रेस पार्टी को चुना। फिर वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी भी बन गए।

कांग्रेस छोड़ एनसीपी में हुए शामिल

भले ही डीपी त्रिपाठी की गिनती राजीव गांधी के करीबियों में होती हो लेकिन उन्होंने कांग्रेस पार्टी को तब छोड़ दिया जब सोनिया गांधी प्रधानमंत्री पद की रेस में आगे आईं। दरअसल शरद पवार ने जब सोनिया गांधी के विदेशी मूल के होने का मुद्दा उठाया और कांग्रेस से अलग होकर एनसीपी पार्टी बनाई तो त्रिपाठी भी उनके साथ हो गए और उन्होंने भी कांग्रेस छोड़ दी। फिर वह एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव बने।

कई किताबें लिख चुके हैं

डीपी त्रिपाठी विदेश मामलों की कमेटी, रेलवे कंवेन्शन कमेटी और हिंदी सलाहकार समिति के भी सदस्य रहे। उन्होंने कई किताबें भी लिखी, जिनमें प्ररूप, कांग्रेस एंड इंडिपेंडेंट इंडिया, जवाहर सतकाम, सेलिब्रेटिंग फैज और नेपाल ट्रांजिशन ए वे फॉरवर्ड समेत अन्य हैं।

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