यहां होगा देश के सबसे बड़े 221 फीट ऊंचे रावण का दहन, खड़ा करने में 12 घंटे लगे, कीमत 30 लाख रुपए

चैतन्य भारत न्यूज

चंडीगढ़. 8 अक्टूबर को देशभर में दशहरे का पर्व मनाया जाएगा और बुराई के प्रतीक रावण का पुतला दहन किया जाएगा। इस बार भारत का सबसे बड़ा रावण चंडीगढ़ में जलेगा। इस रावण को खड़ा करने में करीब 12 घंटे लगे। जानकारी के मुताबिक, रावण की ऊंचाई 221 फीट है। इसको खड़ा करने का काम बुधवार शाम को 6 बजे शुरू किया गया जो गुरुवार तक चलता रहा।



रावण को खड़ा करने के लिए दो क्रेन, दो जेसीबी और 150 लोगों की मदद ली गई। इस रावण को तजिंदर सिंह चौहान ने तैयार किया है। उन्होंने बताया कि, यह वाटरप्रूफ रावण है। यदि दशहरे के दिन बारिश भी आ जाए, तो भी इसे शाम को जलाया जा सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि, इस विशाल रावण को बनाने में 3 हजार मीटर कपड़ा और ढाई हजार मीटर जूट के मैट का इस्तेमाल किया गया है। रावण की बनावट इस तरह की गई है कि इसके अंदर बारिश का पानी नहीं जा पाएगा।

क्या है इस विशाल रावण की खासियत

  • रावण की मूंछें 25 फीट लंबी है।
  • इसका जूता 40 फीट लंबा है।
  • रावण का मुकुट 60 फीट का है।
  • इसकी तलवार 55 फीट लंबी और 12 फीट की ढाल है।
  • इस विशालकाय रावण को बनाने में 6 महीने लगे।
  • इसे 40 लोगों की टीम ने मिलकर बनाया है।
  • रावण की लागत करीब 30 लाख रुपए है।
  • इस रावण में रिमोट के जरिए धमाका किया जाएगा।
  • इसमें 20 फंक्शन बनाए गए हैं। इनमें सबसे पहले छत्र में ब्लास्ट होगा और इसके बाद मुकुट, तलवार, ढाल और फिर जूते में ब्लास्ट होगा।
  • रावण के अंदर ईको फ्रेंडली पटाखे लगाए गए हैं। इन पटाखों से आम पटाखों के मुकाबले 80% प्रदूषण कम होगा।

रावण बनाने के लिए 12 एकड़ जमीन बेची

तजिंदर सिंह ने यह भी बताया कि, उन्होंने साल 1987 में पहली बार रावण बनाया था। उसके बाद से ही वह हर साल रावण बनाते आ रहे हैं। रावण को बनाने में खर्च होने वाले रुपयों के लिए तजिंदर अब तक अपनी साढ़े 12 एकड़ जमीन बेच चुके हैं। हालांकि, इस बार रावण का पूरा खर्च शिव पार्वती सेवा दल की ओर से उठाया गया है।

Related posts