फडणवीस सरकार महाराष्ट्र पर छोड़ गई 4.7 लाख करोड़ का कर्ज! कैसे निपटारा करेंगे सीएम उद्धव ठाकरे

uddhav thackeray

चैतन्य भारत न्यूज

मुंबई. गुरुवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पहली बार ठाकरे परिवार के किसी सदस्य ने मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली है। ऐसे में बतौर मुख्यमंत्री उद्धव के सामने कई सारी चुनौतियां हैं। इनमें सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक मोर्चे पर मिलने वाली है। दरअसल, महाराष्ट्र में आर्थिक मोर्चे को लेकर स्थिति ठीक नहीं है।



जून में फडणवीस सरकार के वित्त मंत्री सुधीर मुंगटीवार ने 2019-20 का अंतरिम बजट पेश किया था, जिसमें बताया गया था कि, महाराष्ट्र पर कर्ज का बोझ 4.7 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2018-19 में महाराष्ट्र सरकार की देनदारियां 4.14 लाख करोड़ रुपए थी, जो लगातार बढ़ती ही जा रही है।

खर्च ज्यादा, कमाई कम

वित्त मंत्री सुधीर मुंगटीवार ने जून में बजट पेश करते समय यह भी बताया था कि, चालू वित्त वर्ष में सरकार का राजस्व व्यय 3,34,933.06 करोड़ रुपए और राजस्व प्राप्ति 3,14,640.12 करोड़ रुपए रहने की संभावना है। राजकोषीय घाटे के बारे में बात करें तो 61,669.94 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। महाराष्ट्र के आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, प्रदेश की विकास दर में 7.5 फीसदी की वृद्धि दर का अनुमान लगाया गया था। बता दें भारत के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में महाराष्ट्र का 14.4 फीसदी योगदान है। यदि महाराष्ट्र की कुल जीडीपी की बात करें तो यह 26 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।

कितनी है प्रति व्यक्ति आय

राज्य में प्रति व्यक्ति आय देखे तो यह 1 लाख 91 हजार 827 रुपए है। हालांकि एक साल पहले के मुकाबले इस बार राज्य में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है। साल 2017-18 के आंकड़ों को देखे तो उस समय प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 76 हजार 1022 रुपए थी, जो 2018-19 में बढ़कर 1,91,827 रुपए हो गई। 2017-18 में महाराष्ट्र में बेरोजगारी दर 4.9 फीसदी पर थी।

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