पढ़ाई के साथ-साथ खेल में कोचिंग भी कर सकते हैं बच्चे, खेल मंत्रालय देता है ये सुविधाएं

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चैतन्य भारत न्यूज

खेलों का विकास और उसकी देखरेख का जिम्मा खेल मंत्रालय के अंतर्गत आता है। खेल मंत्रालय खिलाड़ियों की खोज और ट्रेनिंग से संबंधित अनेक योजनाएं चलाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं-

  • भारत में क्रिकेट के प्रति लोगों की ज्यादा दीवानगी ज्यादा है। बीसीसीआई द्वारा देश में रणजी और दलीप ट्रॉफी से लेकर और भी कई प्रतियोगिता आयोजित करवाई जाती है। इनमें से जो खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है उसे ही नेशनल टीम में जगह मिलती है।
  • फुटबॉल फेडरेशन द्वारा देशभर में फुटबॉल के सभी बड़े टूर्नामेंट आयोजित करवाए जाते हैं। साई में भी इसके लिए कोच होते हैं।
  • भारतीय हॉकी फेडरेशन देशभर में हॉकी से जुड़े टूर्नामेंट का संचालन करती है।
  • ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन टेनिस के लिए और नेशनल रायफल एसोसिएशन निशानेबाजी के लिए टूर्नामेंट आयोजित करवाती है। ऐसे ही अन्य खेलों के संगठन भी उनके टूर्नामेंट्स का संचालन करते हैं।

बता दें खेलों के साथ-साथ आप अपनी पढ़ाई भी जारी रख सकते हैं। स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद आप खेलों में विशेषज्ञता वाले कोर्स भी कर सकते हैं। अलग-अलग वर्गों के लिए खेलों में प्रवेश और छात्रवृति पाने के लिए आपके पास कई मौके होते हैं।

  • 9-12 वर्ष तक के उम्र के बच्चे नेशनल स्पोर्ट्स टैलेंट स्किम के तहत होने वाले टेस्ट को पास करके स्विमिंग, एथेलिटिक्स, जिम्नास्टिक, टेनिस, हॉकी, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन और कुश्ती जैसे खेलों के लिए साई (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) में ट्रेनिंग ले सकते हैं। इसमें चयनित बच्चे ट्रेनिंग लेने के साथ ही साई द्वारा अनुमोदित स्कूल से अपनी पढ़ाई भी पूरी कर सकते हैं। यहां बच्चों की स्कूल फीस से लेकर रहने और खाने-पीने तक का सारा खर्चा सरकार ही उठाती है।
  • 16-20 वर्ष तक के छात्र प्रायोजित संस्थानों में हॉस्टल योजनाओं से फायदा ले सकते हैं। ऐसे छात्रों के टैलेंट की पहचान और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए विशेष क्षेत्र खेल योजनाएं भी चलाई जाती हैं।
  • सेना के रेजीमेंटल ट्रेनिंग सेंटरों के स्कूलों में आसपास के ऐसे छात्रों को लिया जाता है जिनकी खेलों में रूचि हो। यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और मिलिट्री की भी दी जाती है।
  • कॉलेज के ऐसे विद्यार्थी जो नेशनल चैंपियनशिप और अंतरविश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं, वे स्पोर्ट्स टैलेंट स्कॉलरशिप के लिए पात्र होते हैं। इसका चयन विद्यार्थियों की योग्यता के आधार पर किया जाता है।
  • साई के 6 रीजनल केंद्रों पर क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन और टेनिस जैसे सभी प्रचलित खेलों की कोचिंग उपलब्ध करवाई जाती है। एक विद्यार्थी इनमें से किसी भी एक खेल को चुनकर उसमे अपना करियर बना सकता है।

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