लॉकडाउन में पिछले 20 साल में सबसे कम हुआ प्रदूषण का स्तर, नासा ने जारी की तस्वीरें

चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में जारी है। कई देशों में इसके संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन लागू है। भारत में भी 25 मई से लॉकडाउन लागू है जो 3 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान लोगों को घर से बाहर निकलने की भी इजाजत नहीं है। भले ही लॉकडाउन के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा हो लेकिन इससे देश प्रदूषण मुक्त जरूर हो रहा है।

जी हां… लॉकडाउन के दौरान सभी लोग अपने-अपने घरों में बैठे हैं जिससे प्रदूषण कम हो रहा है, नदियां भी साफ हो रही हैं और हिमालय जालंधर से दिखने लगा है। यानी लॉकडाउन के दौरान पूरा देश स्वच्छ हवा में सांस ले रहा है। देश में प्रदूषण कम होने की पुष्टि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भी की है।

हाल ही में नासा की अर्थ ऑब्जरवेटरी ने पिछले चार सालों की तस्वीरें जारी की है। इन तस्वीरों में उसने बताया है कि कैसे पूरे भारत में प्रदूषण का स्तर कम हो गया है। नासा ने ये तस्वीरें मॉडरेट रिजोल्यूशन इमेजिंग स्पेक्ट्रोरेडियोमीटर (MODIS) टेरा सैटेलाइट से ली हैं। नासा ने तस्वीरें जारी कर कहा है कि, ‘भारत में प्रदूषण का स्तर कम हुआ है। भारत में 25 मार्च से लॉकडाउन जारी है। यहां रहने वाले लगभग 130 करोड़ लोग अपने घरों में हैं इसलिए प्रदूषण कम हो गया है।  गंगा के किनारे बसा हुआ देश का हिस्सा पूरी तरह से साफ हो गया है। गंगा के किनारे बसे शहरों के ऊपर 20 साल से जो धुंधला आसमान दिखता था, जो एयरोसोल के घने बादल दिखते थे, आज वो लॉकडाउन की वजह से साफ हो गए हैं।’

नासा में मोडिस एयरोसोल प्रोडक्टस के प्रोग्राम लीडर रॉबर्ट लेवी ने कहा कि, ‘भारत में साफ हवा के लिए इससे बेहतरीन तरीका नहीं हो सकता है। सिर्फ हवा ही नहीं, जमीन, पानी सब साफ हो गया है। भारत को ऐसे प्रयास करने चाहिए जिससे इतना साफ मौसम रहे।’

लॉकडाउन में कोरोना वायरस के संक्रमण को तो रोकने में मदद मिल ही रही है और साथ ही पर्यावरण पर भी इसका चौंका देना वाला असर देखने को मिल रहा है। लॉकडाउन में वाहनों की आवाजाही ना के बराबर है, ज्यादातर फैक्ट्रियां बंद हैं, लोग घरों से बाहर जरूरी काम के लिए ही निकल रहे हैं, इन सभी कारणों के चलते प्रदूषण कम हो रहा है।

 

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