चुनाव आयोग ने ठुकराई विपक्ष की मांग, कहा- वीवीपैट पर्चियों की गिनती में नहीं होगा कोई बदलाव

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चैतन्य भारत न्यूज

चुनाव आयोग ने विपक्ष की वीवीपैट मिलान की उस मांग को ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंने 50 फीसदी पर्चियों के मिलान की बात कही थी। एक लंबे मंथन के बाद चुनाव आयोग ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा है कि, ‘वीवीपैट पर्चियों की गिनती में कोई बदलाव नहीं होगा। जिस हिसाब से गिनती होनी थी, उसी हिसाब से होगी।’ बता दें विपक्ष की कई सारी पार्टियों ने चुनाव आयोग से यह मांग की थी कि, वीवीपैट की पचास फीसदी पर्चियों का मिलान हो।

चुनाव आयोग का फैसला आने के बाद कई नेताओं ने इस पर सवाल उठाए। सीताराम येचुरी ने कहा कि, ‘चुनाव आयोग का ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। यदि चुनावी प्रक्रिया की अखंडता के लिए इस प्रक्रिया को इतना लंबा खींचा गया है, तो चुनाव आयोग पहले नमूने के परीक्षण के मूल सिद्धांत का पालन क्यों नहीं कर रहा है?’ साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि, ‘वीवीपैट की पर्चियों का मिलान भी सुबह वोटों की गिनती के साथ शुरू होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ सकती है।’

चुनाव आयोग इस इस फैसले पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि, ‘ईवीएम का विरोध देश की जनता के जनादेश का अनादर है। हार से बौखलाई यह 22 विपक्षी पार्टियां देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवालिया निशान उठा कर विश्व में देश और अपने लोकतंत्र की छवि को धूमिल कर रही है। मैं इन सभी पार्टियों से कुछ प्रश्न पूछना चाहता हूं।’ अमित शाह ने अपने प्रश्न ट्वीट में दी गई तस्वीर के जरिए पूछे हैं।

इस फैसले के सामने आने के बाद केंद्रीय मानव संसाधन और विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, ‘ईवीएम पर सवाल उठाना विपक्ष का दिवालियापन है। अगर विपक्ष चुनाव जीतता है, तो उसके लिए ईवीएम अच्छा हो जाता है। अगर चुनाव हारता है, तो ईवीएम उनके लिए खराब हो जाता है।’

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