कांग्रेस ने मप्र में की राष्ट्रपति शासन की मांग, कहा- कोरोना से जूझ रहा राज्य, बिना मंत्रियों के चल रही सरकार

shivraj kamal nath

चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कोरोना महामारी को लेकर केंद्र सरकार और शिवराज सरकार पर निशाना साधा है। कमलनाथ ने पहले मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, राहुल गांधी ने इस गंभीर बीमारी को लेकर काफी पहले ही चिंता जाहिर की थी। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने राज्य में अपनी सरकार बनाने के लिए कोविड-19 से निपटने के लिए देर से कदम उठाए। इतना ही नहीं बल्कि कमलनाथ ने बिना मंत्रियों के सरकार चलने को लेकर भी तंज कसा।

बता दें कमलनाथ वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि, ‘भाजपा मध्यप्रदेश के लोगों को बेवकूफ बना रही है, क्योंकि इतने गंभीर संकट में भी राज्य में न कोई मंत्रिमंडल है, न ही कोई स्वास्थ्य मंत्री, ना ही गृह मंत्री है। यह प्रदेश इकलौता राज्य हैं जहां स्वास्थ्य मंत्रालय में कोई मंत्री ही नहीं है।’ कमलनाथ ने आगे कहा कि, ‘मैंने 20 मार्च को इस्तीफा दे दिया, लेकिन 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद लॉकडाउन की घोषणा की गई।’

कमलनाथ ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि, ‘राहुल गांधी ने फरवरी में ही कहा था कि कोरोना वायरस महामारी बड़ी समस्या में बदल जाएगी, लेकिन तब कुछ नहीं किया गया था। केंद्र सरकार ने कोरोना की गंभीरता को समझने में लंबा समय लगा दिया और 40 दिनों के बड़े अंतर के बाद लॉकडाउन जैसा महत्वपूर्ण फैसला लिया क्योंकि उस दौरान केंद्र सरकार का ध्यान राज्य सभा चुनाव को देखते हुए सांसदों को अपने पक्ष में करने पर था। इस वजह से कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण फैसले लेने में भारी देरी की गई।’

कमलनाथ ने कहा कि, ‘विभिन्न राज्य विधानसभाओं को कोरोना के कारण स्थगित किया गया था, लेकिन हमारी सरकार चली जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए संसद चलती रही। मुख्यमंत्री के रूप में हमने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जांच के लिए कुछ निर्णय लिए थे। हमने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कदम उठाए थे। आठ मार्च को शॉपिंग मॉल, स्कूलों आदि को बंद करने का आदेश दिया था। जब विधानसभा अध्यक्ष ने घोषणा की कि वह कोविड-19 के खतरे कारण सदन स्थगित कर रहे हैं, तब भाजपा के लोगों ने उनका माजाक उड़ाया था, लेकिन देखिए बाद में पूरे देश में लॉकडाउन है।’

विवेक तन्खा ने कहा लागू किया जाना चाहिए राष्ट्रपति शासन

वहीं कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य एवं वकील विवेक तन्खा ने तो राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि, ‘मप्र में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार ‘असंवैधानिक’ है, क्योंकि यह मंत्री-परिषद के बिना काम कर रही है। अगर मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट बनाने में सक्षम नहीं हैं तो प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए।’

शनिवार को तन्खा ने राष्ट्रपति को लिखे अपने पत्र में कहा कि, ‘राष्ट्रपति जी, मैं मध्यप्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता के साथ न्याय की अपील कर रहा हूं। मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस की वजह से स्थिति बहुत खराब है। प्रदेश संकट से गुजर रहा है। इंदौर की स्थिति बहुत चिंताजनक है। भोपाल में स्वास्थ्य विभाग के 45 से अधिक अधिकारी संक्रमित पाए गए हैं। जांच की संख्या बहुत कम है।’

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