ज्‍यादा जिंक टैबलेट का सेवन करने से हो रही ब्लैक फंगस की समस्या, डॉक्टरों को शक

चैतन्य भारत न्यूज

मुंबई. देश में म्यूकरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस का संकट गहराता जा रहा है। कोरोना के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से एक ओर ब्लैक फंगस जैसे छह मौकापरस्त फंगल इंफेक्शन के साथ अब विरले होने वाले संक्रमण के मामले भी सामने आने लगे हैं।

हाल ही में यह बात सामने आई है कि देश में म्यूकरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस का संकट सिर्फ डाइबिटीज के मरीजों द्वारा स्टेरॉइड्स के इस्तेमाल से पैदा नहीं हो रहा है बल्कि डॉक्टरों का कहना है कि एंटिबायोटिक्स से लेकर जिंक सप्लीमेंट्स और आयरन टैबलेट्स तक का ज्यादा उपयोग भी इसकी बड़ी वजह हो सकती है।

जिंक का ओवरडोज ऐसे बढ़ा सकता है ब्लैक फंगस का खतरा

आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ। राजीव जयदेवन ने आशंका जताई कि जिंक और आयरन जैसे मेटल का शरीर में अधिक मात्रा में होना ब्लैक फंगस के संक्रमण को फैलने का उचित वातावरण प्रदान करता है। चूंकि, कोरोना से बचाव व इसके इलाज के लिए लोगों ने जिंक का भारी मात्रा में सेवन किया है, इसलिए ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों के पीछे यह भी एक वजह हो सकती है। जिसके बारे में आगे जांच व अध्ययन किया जाना चाहिए।

ये भी हो सकते हैं खतरे की वजह

शनिवार को एक प्रेसवार्ता को संबोधिक करते हुए नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ। वीके पॉल ने कहा कि कोविड-19 पेशेंट में स्टेरॉयड का अत्यधिक इस्तेमाल भी ब्लैक फंगस के बढ़ने का कारण हो सकता है। इसके साथ ही मधुमेह के रोगी और स्टेरॉयड के कारण ब्लड शुगर का लेवल बढ़ना भी एक जोखिम हो सकता है। वहीं, यह भी देखा गया है कि लंबे समय तक ऑक्सीजन सिलेंडर के मास्क का उपयोग और उससे जुड़े ह्यूमिडिफायर में नल का पानी भरने से भी संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

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