किसान आंदोलन: दिल्ली पुलिस की हिरासत में 720 किसान, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

चैतन्य भारत न्यूज

केेंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब-हरियाणा के किसान 26 से 28 नवंबर तक ‘दिल्ली मार्च’ निकाल रहे हैं। गुरुवार को इनका दिल्ली में प्रवेश रोकने के लिए दिल्ली-हरियाणा सीमा पर पुलिस व सुरक्षा बलों की तैनाती व बेरिकेड आदि लगाकर सख्त इंतजाम किए गए हैं। बता दें नए कृषि बिल के विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसान पिछले दो महीनों से सड़कों पर हैं। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले दागे।

विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने 720 किसानों को हिरासत में लिया है। ये किसान नेता विभिन्न संगठनों के साथ दिल्ली में दाखिल हो चुके हैं। गिरफ्तार किसानों में अधिकांश हरियाणा और पंजाब के हैं। दिल्ली प्रशासन द्वारा धरना देने के लिए जगह न देने के कारण किसान नेताओं ने राजघाट पर धरना देने का फैसला किया है। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु के 720 किसानों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। इनमें अधिकांश पंजाब और हरियाणा के किसान नेता भी हैं। उन्हें दिल्ली में मजनू का टीला गुरुद्वारा से राजघाट की तरफ मार्च करते हुए वक्त हिरासत में लिया गया। इन सभी किसानों को एक स्पोर्ट्स कांपलेक्स में रखा गया है।

हरिनगर स्टेडियम को बनाया अस्थायी जेल

हिरासत में लिए गए किसान नेता में शिव कुमार कक्काजी, जसबीर सिंह भाटी, बलदेव सिंह सिरसा, केवी बीजू ने बताया कि सभी किसानों में जोश है और वे बड़े काफिले में ट्रैक्टर ट्रॉलियों के साथ दिल्ली में प्रवेश को तैयार हैं। हिरासत में लिए किसानों को रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने हरि नगर स्टेडियम को अस्थायी जेल बनाया है और सभी किसानों को वहीं हिरासत में रखा गया है। किसान नेताओं ने यह साफ कर दिया है कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली में प्रवेश करेंगे और अपनी मांगें पूरी करवाने के लिए कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं।

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