किसान बिल: दिल्ली से पंजाब तक विरोध-प्रदर्शन, राजपथ पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर जलाया, पंजाब के मुख्यमंत्री धरने पर बैठेंगे

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत देश के कई इलाकों में किसान बिल का विरोध जारी है। पंजाब और हरियाणा ऐसे राज्य हैं जहां इन कानूनों का खुलकर विरोध हो रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह आज इसी कानून के खिलाफ धरने पर बैठने जा रहे हैं। अमरिंदर सिंह आज शहीद ए आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर उनके पैतृक गांव खटकर कलां पहुंचेंगे। यहां पहले अमरिंदर सिंह भगत सिंह को श्रद्धांजलि देंगे और फिर यहां पर ही धरने पर बैठ जाएंगे।

राजपथ पर ट्रैक्टर में लगाईं आग

सोमवार सुबह भी देश की राजधानी दिल्ली के दिल कहे जाने वाले राजपथ पर बिल के विरोध में गुस्सा देखने को मिला। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक ट्रैक्टर में आग लगा दी और किसान बिल पर विरोध जताया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, करीब सुबह 7:15 बजे 15-20 लोग इंडिया गेट के पास आए और ट्रैक्टर में आग लगाई। इस मामले में पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया है। यह सभी पंजाब के रहने वाले हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

केंद्र सरकार ने बताया ‘नौटंकी’

दिल्ली में ट्रैक्टर जलाने पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, ‘कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रक में ट्रैक्टर लाए और इंडिया गेट के पास जलाया। यही कांग्रेस का नाटक। इसलिए कांग्रेस को लोगों ने सत्ता से बेदखल किया।’

राष्ट्रपति कोविंद ने कर दिए हस्ताक्षर

आपको बता दें कि तीनों कृषि विधेयकों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी मिल गई है, यानी ये बिल अब कानून बन चुके हैं। हालांकि, इस बीच भी देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हो रहा है। कांग्रेस समेत विपक्ष की कई पार्टियां कानून के विरोध में हैं। विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से मिलकर इस बिल पर साइन ना करने की अपील की थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सरकार बार-बार दे रही आश्वासन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मंचों से किसानों की शंकाओं को दूर कर चुके हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बार-बार कहा है कि किसानों से एमएसपी पर फसलों की खरीद पहले की तरह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि नए कानूनों में किसानों को एपीएमसी की परिधि के बाहर अपने उत्पाद बेचने को विकल्प दिया गया है। सरकार का तर्क है कि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और किसानों को उनके उत्पादों का लाभकारी दाम मिलेगा।

Related posts