MP: किसान के बेटे-बेटी ने धरनास्थल पर ही की शादी, बारात लेकर समारोह में पहुंच दुल्हन

चैतन्य भारत न्यूज

रीवा. पिछले चार महीने से देशभर के लाखों किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। देशभर के अलग-अलग स्थानों पर धरना जारी है। ऐसे ही मध्य प्रदेश के रीवा में भी कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन चल रहा है। इसी बीच एक पंडाल में किसान ने अपने बेटे की शादी करवाई। खास बात ये रही कि यहां मेहमान और कोई नहीं बल्कि धरनारत किसान ही थे जिन्होंने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।

यह अनोखी शादी रीवा कृषि उपज मंडी में हुई है जिसकी हर जगह चर्चा हो रही है। किसान रामजीत सिंह और किसान विष्णुकांत, अन्य किसानों के साथ कृषि कानून बिल के विरोध में 75 दिनों से यहां धरने पर बैठे हैं। रामजीत के बेटे सचिन और विष्णुकांत की बेटी आसमा की शादी तय हो चुकी थी, लेकिन दोनों के पिता किसान आंदोलन के तहत धरना स्थल पर डटे हुए थे, इस वजह से उनकी शादी किसी मैरिज गार्डन या होटल में नहीं बल्कि धरना स्थल पर की गई।

बारात लेकर आई दुल्हन

गुरूवार को दूल्हा नहीं बल्कि दुल्हन धरनास्थल पर बारात लेकर पहुंची। फिर दूल्हा-दुल्हन ने संविधान की शपथ ली और वे शादी के बंधन में बंध गए। किसान रामजीत और किसान विष्णुकांत ने बताया कि, ‘इस शादी में दूल्हा-दुल्हन को जो उपहार दिए गए हैं, वो आंदोलन में ही इस्तेमाल किए जाएंगे। इस शादी से किसान एक संदेश देना चाहते थे कि किसान झुकने वाले नहीं हैं इसलिए यहां शादी तय की गई।’ साथ ही उन्होंने इस शादी के जरिए यह सन्देश दिया कि, ‘लड़कियां किसी भी मामले में लड़कों से पीछे नहीं हैं, इसलिए दूल्हे की जगह यहां दुल्हन बारात लेकर आई।’

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