मोतीचूर चकनाचूर रिव्यू : दर्शकों के अरमानों को पूरी तरह से चकनाचूर कर सकती है यह फिल्म, एक्टिंग कम और ओवर एक्टिंग ज्यादा

चैतन्य भारत न्यूज

फिल्म : मोतीचूर चकनाचूर
कलाकार : नवाजुद्दीन सिद्दीकी, अथिया शेट्टी
निर्देशक : देबमित्रा बिसवाल
फिल्म टाइप : कॉमेडी, रोमांटिक
अवधि : 2 घंटे 15 मिनट
सर्टिफिकेट : UA



कहानी

यह फिल्म पुष्पिंदर (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) और ऐनी उर्फ अनिता (अथिया शेट्टी) की शादी पर आधारित है। ऐनी शादी के लिए कई लड़के देख चुकी है, लेकिन वो सिर्फ इसलिए शादी करना चाहती है ताकि शादी के बाद वो विदेश जा सके और वहां पर फोटो क्लिक कराकर अपनी दोस्तों को दिखा सके, साथ ही उसे इंटरनेट पर शेयर कर सके। इसी चक्कर में ऐनी कई लड़कों को रिजेक्ट भी कर चुकी है। वहीं पुष्पिंदर 36 साल का एक कुंवारा लड़का है, जो दुबई से लौटता है और किसी भी कीमत पर बस शादी करना चाहता है। लेकिन उसे कोई लड़की नहीं मिलती है। जब एनी को यह पता चलता है कि पुष्पिंदर दुबई से लौटा है तो एनी उसे अपने प्यार के जाल में फंसाने लग जाती है, ताकि वो उसके साथ दुबई जा सके। फिर दोनों की शादी हो जाती है। लेकिन भोला-भाला पुष्पिंदर ये नहीं समझ पाता है कि एनी उससे प्यार नहीं करती और वो बस उसके साथ दुबई जाने के लिए उससे शादी कर रही है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब सबको यह पता चल जाता है कि पुष्पिंदर को दुबई की नौकरी से निकाल दिया गया है। अब क्या एनी दुबई जा पाएगी और दोनों की शादी टिक पाएगी? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखना होगी।

कैसी है फिल्म

यह भले ही कॉमेडी हो लेकिन इसमें कॉमेडी के नाम पर घिसे-पिटे जोक्स के अलावा और कुछ भी नहीं है। फिल्म में शुरू से लेकर अंत तक देहाती भाषा सुनी जा सकती है। फिल्म के डायलॉग में भी कोई दम नहीं है। कई डायलॉग और सीन लोगों को जबरदस्ती हंसाने की कोशिश करते हैं लेकिन वह नाकाम हो जाते हैं। यह फिल्म दर्शकों के अरमानों को चकनाचूर करने की कोशिश करती है। अगर आप नवाजुद्दीन सिद्दीकी के फैन हैं तो इस फिल्म को एक बार देखने की कोशिश कर सकते हैं।

कलाकारों की एक्टिंग

नवाजुद्दीन एक्टिंग के जरिए अपने किरदार के साथ न्याय करते हैं। उनके किरदार को देखकर आप उस इंसान की भावनाओं को अच्छे से समझ सकेंगे, जो 36 साल का होने के बाद भी अब तक दुल्हन की तलाश में है। लीड एक्ट्रेस के किरदार में अथिया शेट्टी कोई खास कमाल नहीं कर पाईं। उनकी और अन्य सहायक कलाकारों की एक्टिंग औसत है। कई सीन में ऐसा लगेगा कि एक्टिंग कम और ओवर एक्टिंग ज्यादा है।

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