शादी से पहले जरूर करें फाइनेंशियल प्लानिंग, खुशियों से बीतेगा भविष्‍य

tips for saving money,financial planning before marriage

चैतन्य भारत न्यूज

वैसे तो जोड़ियां ऊपर वाला बनाता है लेकिन उसके सारे खर्चे हमें धरती पर ही उठाना पड़ते हैं। इसलिए शादी के बंधन में बंधने से पहले एक बार अपने भविष्य के आर्थिक लक्ष्यों के बारे में गौर करना चाहिए। आज भी शादी का सारा खर्च माता-पिता ही अपने सालों की बचत से उठाते हैं। अगर आप जल्दी ही शादी करने वाले हैं तो अपनी बचत का एक हिस्सा अपनी शादी के लिए जरुरी रखें ताकि आपके माता-पिता का कुछ हद तक बोझ कम हो सके।

इन बातों का रखें ध्यान

  • यदि आपने अभी-अभी कमाना शुरू किया है और आपको पांच साल बाद शादी करना है तो आप अभी से अपने लक्ष्य को निर्धारित कर सकते हैं। आप कम उम्र में म्युचुअल फंड जैसे निवेश के विकल्पों को अपना सकते हैं।
  • अगर आपकी शादी में पांच साल से कम समय है तो आप मासिक इनकम प्लान में निवेश कर सकते हैं। यह म्युचुअल फंड की तरह ही होता है और इसमें करीब 25 फीसदी तक इक्विटी एक्सपोजर मिल सकता है। खास बात यह है कि इनमे अधिक जोखिम भी नहीं है।
  • जिन लोगों के पास शादी के लिए पांच साल से अधिक समय है वह परंपरागत संतुलित फंड में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा आप सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान भी शुरू कर सकते हैं। जहां पर एक मासिक किस्त आपके बैंक खाते से की जाती है।
  • अगर आपके माता-पिता ने आपके नाम से आपकी शादी के लिए इक्विटी म्युचुअल फंड या फिर यूनिट लिंक्ड इन्वेस्टमेंट प्लान (यूलिप) में निवेश किया हुआ है और वे मार्केट लिंक्ड है तो इस मौके पर इक्विटी एक्सपोजर जारी न रखें, क्योंकि लक्ष्य करीब आ रहा है। इन पर नजर रखें और इक्विटी लिंक्ड फंड को कम अस्थिर डेब्ट एसेट्स में ले जाएं।
  • अगर आपके माता-पिता  ने आपके नाम पर पीपीएफ अकाउंट खोला हुआ है तो उसे जारी रखें और इसे आखिरी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करें।

कागजी काम

  • शादी के बाद महिलाओं के सरनेम बदल जाते हैं जिसके चलते उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए बैंक व अन्य निवेश में अपना केवाईसी अपडेट कराना न भूलें। साथ ही अपना मैरिज सर्टीफिकेट जल्द प्राप्त कर ले। इसके अलावा विभिन्न निवेशों में नॉमिनी के नाम में भी बदलाव करा लें।
  • शादी के बाद आपको तय करना है कि आप अपना व्यक्तिगत बैंक अकाउंट जारी रखना चाहते हैं या जॉइंट अकाउंट रखना चाहते हैं। वैसे तो महिलाओं को शादी के कुछ साल तक अपना व्यक्तिगत अकाउंट जारी रखना बेहतर रहता है क्योंकि कई चेक उनके पुराने नाम पर ही आते हैं और ऐसे में बार-बार नाम बदलवाने की जरुरत नहीं पड़ती।
  • बेहतर होगा कि आप अपने होने वाले जीवन साथी के साथ शादी पर होने वाले खर्चे के बारे में बात करें। बता दें जब भी धन का मामला हो तो पारदर्शिता होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि आपके पार्टनर को पता हो कि आपके अकाउंट में कितनी राशि है।
  • इसके अलावा एक-दूसरे को अपनी जोखिम लेने की क्षमता के बारे में बताएं जब भी कभी दीर्घ-अवधि की वित्तीय योजना बनानी हो तो एक दूसरे को स्पष्ट तौर पर बताएं।
  • शादी के बाद कुछ साल खर्च करना और घूमना ठीक है लेकिन इस समय वित्तीय चर्चा और भविष्य की वित्तीय प्लानिंग के लिए भी इस्तेमाल करना चाहिए। बचत शुरू करने से पहले अपने व पार्टनर के साथ ही माता-पिता के लिए स्वास्थ बीमा लें लें। इसके अलावा अपनी वार्षिक आय के दस गुना मूल्य का जीवन बीमा भी जरूर लें।
  • जैसे-जैसे समय बीतेगा आपको घर, कार व रिटायरमेंट के लिए भी प्लान बनाना चाहिए। शॉर्टकट से बचते हुए एक तय फाइनेंशियल प्लान तैयार करें। सबसे खास बात यह है कि अपने होने वाले जीवन साथी को अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में साफ बता दें ताकि भविष्य में किसी को भी चौंकना न पड़े।

शादी से ठीक पहले यह सुनिश्चित करें कि जब आप शादी कर रहे हो तो इस दौरान आपके पास किसी तरह का कर्ज न हो, खासकर पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड की ऑउटस्टैंडिंग। शादी के लिए आपको कभी भी पर्सनल लोन नहीं लेना चाहिए। अगर आपने कोई एजुकेशन लोन लिया हुआ है तो उसे जल्द ही चुकाने की योजना बना लें।

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