ऐसे पता करें कौन से शेयर खरीदने लायक हैं और कौन से नहीं…

टीम चैतन्य भारत।

जब हम कोई सामान खरीदते हैं तो उसकी कीमत और क्वालिटी के बीच संतुलन पर जरूर गौर करते हैं। शेयर ट्रेडिंग में भी यह सिद्धांत काम करता है। घरेलू शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते समय यह पता करना बहुत जरूरी होता है कि कौन से शेयर निवेश के काबिल हैं।

ऐसे ढेरों अंतर्निहित पहलू हैं, जिनसे करीब-करीब तय हो जाता है कि कौन शेयर निवेश करने लायक हैं और किन शेयरों में इतना दमखम नहीं है कि उनमें पैसा लगाया जा सके। इस आलेख में हम कुछ ऐसे निर्णायक कारकों की बात करेंगे, जो इस बात के विश्लेषण में मददगार साबित हो सकते हैं कि कौन शेयर खरीदने लायक हैं और कौन नहीं।

कंपनी का विश्लेषण

किसी शेयर में पैसा लगाने से पहले संबंधित कंपनी का विश्लेषण करें। इसके लिए कंपनी के प्रोडक्ट्स और प्रतिस्पर्धी कंपनियों का अध्ययन करें। शेयर खरीदने से पहले कंपनी की मौजूदा होल्डिंग्स, स्थायित्व, पहले हुई आय और भविष्य में आमदनी की संभावनाओं पर जरूर गौर कर लें।

प्रोडक्ट व्यवहार्यता का अध्ययन

कंपनी के प्रोडक्ट की व्यवहार्यता का अध्ययन जरूरी है। इस मामले में प्रतिस्पर्धी कंपनियों की स्थिति और कंपनी को लेकर बाजार की प्रतिक्रिया पर भी गौर करने की जरूरत होती है। इससे एक हद तक भविष्य में कंपनी के प्रदर्शन की थाह लग जाएगी। इसके अलावा प्रतिस्पर्धी कंपनियों के बारीक अघ्ययन की भी जरूरत होती है, ताकि कंपनी के प्रोडक्ट की बाजार हिस्सेदारी की जानकारी जुटाई जा सके।

शेयर की कीमत

किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले उसकी कीमत का विश्लेषण हमेशा जरूरी होता है। खास तौर पर संबंधित शेयर की ऐतिहासिक कीमतों पर गौर करने की जरूरत होती है, ताकि इस बात का अंदाजा लग सके कि फिलहाल उसकी कीमत वाजिब है या नहीं। इस मामले में कंपनी की आय महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है क्योंकि जैसे-जैसे कंपनी की आय और मुनाफा बढ़ता है, उसके शेयर की वैल्यू भी उसी हिसाब से बढ़ती जाती है। कंपनी की आय का आंकलन तिमाही-दर-तिमाही करें। इससे शेयर के ट्रेंड का अंदाजा लगाना आसान हो जाएगा।

ईपीएस की गणना

ईपीएस का मतलब है ‘अर्निंग पर शेयर। ईपीएस का अनुमान प्रति तिमाही आधार पर कंपनी के शुद्ध मुनाफे को शेयरों की कुल संख्या से विभाजित करके लगाया जा सकता है। परिणामी ईपीएस का इस्तेमाल शेयरों पर अर्जित लाभ की गणना करने में किया जा सकता है।

लाभांश भुगतान का रिकॉर्ड देखें

कई कंपनियां अपनी आय का एक हिस्सा लाभांश के तौर पर शेयरधारकों को देती हैं। यह लाभांश शेयर में निवेश से होने वाली कमाई से इतर रकम होती है। जाहिर है, यदि लाभांश ज्यादा मिलेगा तो निवेशक को मुनाफा भी ज्यादा होगा। इस लिहाज से यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि निवेश के लिए ऐसी कंपनियों के शेयरों का चयन किया जाए, जो शेयरधारकों को अच्छा लाभांश देती रही हैं।

विश्लेषकों की रिपोर्ट्स

शेयर बाजार में ट्रेड करने वाले लोग अनिवार्य तौर पर कुछ विश्लेषकों की रिपोर्ट पर गौर करते हैं। ऐसी रिपोर्ट्स समय-समय पर प्रकाशित होती रहती है और इनमें इस बात का जिक्र होता कि किस शेयर की खरीदारी करनी चाहिए कि और किनकी बिकवाली करना बेहतर होगा। लेकिन, यहां भी किसी एक विश्लेषक की रिपोर्ट पर निर्भर रहना नुकसानदेह हो सकता है। बेहतर फैसले के लिए ऐसी ढेरों रिपोर्ट का विश्लेषण जरूरी है।

उपरोक्त तौर-तरीकों का पालन करते हुए कोई भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग करके आसानी से अच्छा मुनाफा कमा सकता है। लेकिन, इसके लिए भरपूर उत्साह, जोखिम उठाने के लिए हमेशा तैयार रहने और दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है।

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