महाराष्ट्र: भंडारा के सरकारी अस्पताल में लगी आग, 10 नवजातों की मौत, 1 दिन से 3 महीने तक थी उम्र

चैतन्य भारत न्यूज

महाराष्ट्र के भंडारा में बड़ा हादसा हो गया। यहां शुक्रवार की देर रात सरकारी अस्पताल में आग लग गई। इस हादसे में 10 नवजात शिशुओं की मौत हो गई है। हादसे के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएम उद्धव ठाकरे ने स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे से भी बात की। सीएम ने भंडारा के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से भी बात कर हादसे के संबंध में जानकारी ली है।


आग बीमार नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में लगी जिसकी वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। जिन 10 नवजातों की मौत हुई है उनकी उम्र एक दिन से लेकर 3 महीने तक है। यूनिट से सात शिशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर किया है। उन्होंने इसे हृदय विदारक हादसा करार दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ईश्वर उन्हें यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दे।


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि महाराष्ट्र के भंडारा में हुए अग्नि हादसे में शिशुओं की असामयिक मौत से गहरा दुख हुआ है। उन्होंने इस हृदय विदारक हादसे में अपनी नवजात संतान खोने वाले परिवारों के प्रति भी संवेदना व्यक्त किया है।


कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार से पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।


जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने पूरे अस्पताल को बंद करवा दिया है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। दम घुटने से मरने वाले बच्चों का पोस्टमॉर्टम नहीं किया जाएगा। घटना के पीछे की वजह का पता लगाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने इस हादसे में मारे गए बच्चों के माता-पिता को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है।

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