राफेल मामले में लीक दस्तावेजों पर फैसला सुरक्षित, पहले केंद्र की आपत्तियों पर होगा विचारः सुप्रीम कोर्ट

चैतन्य भारत न्यूज।

नई दिल्ली। राफेल मामले में गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने लीक दस्तावेजों फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने कहा पहले केंद्र की आपत्तियों पर विचार किया जाएगा।

बता दें केन्द्र ने राफेल विमानों से संबंधित दस्तावेजों पर विशेषाधिकार का दावा किया है और सुप्रीम कोर्ट से कहा कि संबंधित विभाग की अनुमति के बगैर कोई भी इन्हें पेश नहीं कर सकता।अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है। कोई भी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज प्रकाशित नहीं कर सकता।

सुनवाई से जुड़ी कुछ खास बातें…

  • चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने शीर्ष अदालत के आदेश पर पुनर्विचार का अनुरोध करने वाले याचिकाकर्ताओं से कहा कि पहले वह लीक हुए दस्तावेजों की स्वीकार्यता के बारे में प्रारंभिक आपत्तियों पर ध्यान दें।
  • शीर्ष अदालत के फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध करने वाले याचिकाकर्ताओं में से एक अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि राफेल सौदे के दस्तावेज, जिन पर अटार्नी जनरल विशेषाधिकार का दावा कर रहे हैं, प्रकाशित हो चुके हैं और यह पहले से सार्वजनिक दायरे में हैं।
  • सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल ने कोर्ट से कहा कि साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों के तहत कोई भी संबंधित विभाग की अनुमति के बिना अदालत में गोपनीय दस्तावेज पेश नहीं कर सकता।
  • भूषण ने कोर्ट से कहा कि सूचना के अधिकार कानून के प्रावधान कहते हैं कि जनहित अन्य चीजों से सर्वोपरि है और खुफिया एजेन्सियों से संबंधित दस्तावेजों पर किसी प्रकार के विशेषाधिकार का दावा नहीं किया जा सकता।
  • कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। पहले केंद्र की आपत्तियों पर विचार किया जाएगा।

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