राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट को मिला पहला दान, केंद्र सरकार ने दिया 1 रुपया नकद

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए लोकसभा में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ऐलान कर दिया। इसके बाद से ही मंदिर निर्माण के लिए दान देने का सिलसिला शुरू हो गया है। केंद्र सरकार ने नवगठित ट्रस्ट को मंदिर निर्माण शुरू करने के लिए एक रुपए नकद दान दिया। यह ट्रस्ट को मिला पहला दान है।



मोदी सरकार ने 1 रुपया नकद दान इसलिए दिया ताकि ट्रस्ट अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की दिशा में काम शुरू कर सके। केंद्र सरकार द्वारा यह दान ट्रस्ट को गृह मंत्रालय में अवर सचिव डी. मुर्मू ने दिया। अधिकारी ने कहा कि, ‘ट्रस्ट अचल संपत्ति सहित बिना किसी शर्त के किसी भी व्यक्ति से किसी भी रूप में दान, अनुदान, अंशदान, योगदान ले सकता है।’

15 सदस्यीय स्वतंत्र ट्रस्ट का गठन

बता दें केंद्र सरकार ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए 15 सदस्यीय एक स्वतंत्र ट्रस्ट का गठन किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसका ऐलान करते हुए कहा था कि, ‘देश के करोड़ों लोगों की तरह यह विषय मेरे दिल के करीब है। इस बारे में बात करना मैं अपने लिए एक बड़ा सौभाग्य मानता हूं। मंत्रिमंडल का निर्णय राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में बीते 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के मुताबिक है।’

ट्रस्ट में ये सदस्य होंगे शामिल

केंद्र सरकार ने ट्रस्ट में शामिल सदस्यों के नामों की घोषणा भी कर दी है। इनमें वरिष्ठ वकील के. परासरण, जगदगुरु शंकराचार्य, ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज (इलाहाबाद), जगदगुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज (उडुपी के पेजावर मठ से), युगपुरुष परमानंद जी महाराज (हरिद्वार), स्वामी गोविंददेव गिरि जी महाराज (पुणे) और विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (अयोध्या) शामिल हैं। इसके अलावा अयोध्या के होम्योपैथिक डॉ. अनिल मिश्रा, अनुसूचित जाति के सदस्य पटना के कामेश्वर चौपाल और निर्मोही अखाड़ा के महंत धीरेंद्र दास का नाम भी शामिल है। दो प्रमुख हिंदू नामित सदस्यों के नामों पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बहुमत से फैसला लेंगे।

दिल्ली में होगा पंजीकृत कार्यालय

जानकारी के मुताबिक, शुरुआत में यह ट्रस्ट वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरण के आवास से ही कार्य करेगा, लेकिन बाद में इसका स्थायी कार्यालय खोला जाएगा। ट्रस्ट के पास राम मंदिर निर्माण और इससे जुड़े हर विषयों पर स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने के अधिकार हैं। ट्रस्ट का पंजीकृत कार्यालय दिल्ली में होगा।

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