अंतरिक्ष में बना इतिहास : बिना पुरुष साथी के पहली बार महिलाओं ने स्पेसवॉक कर बनाया रिकॉर्ड

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चैतन्य भारत न्यूज

शुक्रवार को अंतरिक्ष में नासा की 2 महिला अंतरिक्ष यात्रियों ने उस समय इतिहास रच दिया जब वह पहली बार बिना किसी पुरुष अंतरिक्ष यात्री के स्पेसवॉक पर निकलीं। बता दें अंतरिक्ष के इतिहास में इससे पहले जब भी स्पेसवॉक करने के लिए कोई भी टीम अंतरिक्ष यान से बाहर निकलती थी तो उसमें हमेशा कोई न कोई पुरुष अंतरिक्ष यात्री जरूर मौजूद रहता था। लेकिन शुक्रवार को अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टिना कोच और जेसिका मीर अकेले स्पेसवॉक करने वाली पहली महिला जोड़ी बन गई हैं।


टूटे हुए बैटरी चार्जर को बदलने निकलीं

शुक्रवार को इस ऐतिहासिक वाकये को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर उस समय अंजाम दिया गया, जब क्रिस्टीना और जेसिका टूटे हुए बैटरी चार्जर को बदलने के लिए स्पेस स्टेशन से बाहर निकलीं और उन्होंने अंतरिक्ष में चहलकदमी की। पहले यह स्पेसवॉक मार्च में होनी थी लेकिन अंतरिक्ष केंद्र में मध्यम आकार के स्पेससूट की कमी के चलते इसे रद्द कर दिया गया था। दरअसल नासा के पास अंतरिक्ष यात्रियों के लिए जो कपड़े थे, उनमें सिर्फ महिला-पुरुष जोड़ीदार की साइज वाले ही कपडे़ थे।

421वें स्पेसवॉक ने बनाया इतिहास

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक अंतरिक्ष में कुल 420 स्पेसवॉक हुए हैं। इन सभी में पुरुष किसी न किसी रूप में शामिल हुए ही हैं। लेकिन शुक्रवार को हुए 421वें स्पेसवॉक में सिर्फ महिलाएं अकेली ही शामिल हुईं थीं।
इस दौरान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में चार पुरुष अंदर ही रहे, जबकि क्रिस्टीना और जेसिका बैटरी चार्जर बदलने के लिए अंतरिक्ष में अकेली ही चहलकदमी करती नजर हुईं आईं। सूत्रों के मुताबिक, यह बैटरी चार्जर उस समय खराब हो गया था, जब एक पुरुष अंतरिक्ष यात्री ने पिछले हफ्ते स्टेशन के बाहर नई बैटरियां लगाईं थीं।

सूर्य की रोशनी नहीं मिलने पर बैटरियों की जरूरत

बता दें वैसे तो अंतरिक्ष स्टेशन सौर ऊर्जा से ही संचालित होता है, लेकिन यदि इसमें सूर्य की सीधी किरणे नहीं मिल पाती हैं, जिसके कारण इसे बैटरियों की जरूरत होती है। इसलिए अंतरिक्ष स्टेशन में रहने वाले यात्री ही इन बैटरियों को नियंत्रित करते हैं।

आगे भी महिलाएं करेंगी स्पेसवॉक 

फिलहाल अंतरिक्ष स्टेशन पर जेसिका मीर, क्रिस्टीना कोच, एंड्रयू मॉर्गन, ओलेग स्क्रीपोचा, एलेक्जेंडर स्कवोर्तसोव और लूका परमितानो हैं। ये सभी महिलाएं अक्टूबर में ही अलग-अलग तारीखों पर स्पेसवॉक करेंगी। अक्टूबर के अलावा नवंबर और दिसंबर में भी पांच स्पेसवॉक रखी गई हैं।

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