विटामिन-पोषक तत्वों से भरपूर होता है मिट्‌टी के बर्तन में पकाया गया भोजन, बीमारियों से हमेशा रहेंगे दूर

mitti ke bartan

चैतन्य भारत न्यूज

भारतीय थाली में मौजूद सभी चीजें सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं। ये आपको कई बीमारियों से बचा सकती हैं। हर राज्य का अपना पारंपरिक भोजन होता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में फास्ट फूड ने पारंपरिक भोजन का स्थान ले लिया है।


फास्ट फूड का चलन बढ़ा 

फास्ट फूड का अर्थ है जल्दी तैयार होने वाला भोजन, जो कहीं भी, कभी भी खाया जा सकता है। इस भोजन को खाने के लिए न तो बर्तनों के तामझाम की आवश्यकता होती है और न बर्तन साफ करने की। भले ही फास्ट फूड स्वाद में मजेदार होता हो लेकिन यह कभी भी पारंपरिक भोजन का विकल्प नहीं हो सकता, क्योंकि पारंपरिक भोजन पौष्टिकता से भरपूर होता है और अंत तक स्वादिष्ट वाला भी होता है।

भाप में पकाया गया भोजन सर्वश्रेष्ठ

भारत में जिस तरह का खाना पकाया जाता है उसमें सबसे बेहतर भाप द्वारा पकाया जाने वाले खाना होता है। भाप या सौर ऊर्जा में पकाकर तैयार होने वाला भोजन सबसे ज्यादा लजीज और सेहतमंद होता है। इसके अलावा जो खाना मिट्टी, लकड़ी, पीतल, तांबा और पत्थरों के बर्तनों में बनाया जाता है, वह स्वाद और सेहत दोनों के लिए ही उम्दा होता हैं। हालांकि, भारतीय घरों में इस तरह के बर्तनों का प्रयोग होना धीरे-धीरे बंद होता जा रहा है।

मिट्टी के बर्तन में पका भोजन पोषक तत्व से भरपूर

इन दिनों लोग कॉपर, एल्युमिनियम और स्टील के बर्तनों का ज्यादा प्रयोग करने लगे हैं। नॉन स्टिक बर्तनों की ही बात करें तो ये विदेशी आइटम हैं लेकिन फिर भी भारत में इनका खूब प्रयोग किया जा रहा है। वहीं हजारों सालों से प्रयोग होने वाले मिट्टी और लकड़ी के बर्तनों का प्रयोग होना तो अब जैसे बंद ही हो गया है। हम पुरातन चीजों को छोड़कर विदेशी चीजों को अपनाते जा रहे हैं। लेकिन मिट्टी के बर्तनों में पकाए हुए भोजन में पोषक तत्व भरपूर होता है। इसमें खनिज तत्व, विटामिन समेत अन्य पोषक तत्व रहते हैं। वहीं प्लास्टिक या पॉलीथिन के बर्तनों में बनी हुई चीजें हानिकारक होती हैं।

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