इन कारणों से इंदौर तीसरी बार रहा देश में नंबर-1

चैतन्य भारत न्यूज।

इंदौर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में तीसरी बार इंदौर ने बाजी मारी है। इस बार इंदौर में स्वच्छता को लेकर जो काम हुए वो किसी अन्य शहर में नहीं हुए। शहर की सड़कों को सजाने से लेकर दीवारों पर पेंटिंग तक के काम किए गए।शहर में अलग-अलग जगह रबर आदि से बनाई गई वस्तुओं को सजाकर रखा गया। इंदौर ने सबसे पहले अपने ट्रेंचिंग ग्राउंड में 30-40 साल से पड़ा कचरा साफ कर साफ-सुथरे मैदान में तब्दील कर दिया।

पुलों के आसपास जालियां लगाना

शहर के बीच से निकलने वाले नालों पर दोनों तरफ जालियां लगाई गई ताकि कोई नाले में कचरा न फेंके। साथ ही आसपास पौधे भी लगाए गए।

कचरा गाड़ियों की मॉनिटरिंग

इंदौर में कचरा गाड़ियों की मॉनिटरिंग के लिए जीपीएस, कंट्रोल रूम और 19 जोन की अलग-अलग 19 स्क्रीन लगाई।

बनाए सेल्फी पॉइंट

इस साल छोटे-छोटे 12 से 15 सेल्फी पॉइंट अलग-अलग क्षेत्रों में बनाए गए। कहीं इमोजी के साथ अलग-अलग भाव दर्शाए गए तो कहीं ऐतिहासिक सिक्कों के स्वरूप को दर्शाया गया है।

होम कम्पोस्टिंग

29 हजार से ज्यादा घरों में गीले कचरे से होम कम्पोस्टिंग का काम किया।

सात कैटेगरी में मिले स्वच्छता पुरस्कार…

  • सबसे स्वच्छ शहर : इंदौर
  • सबसे स्वच्छ बड़ा शहर : अहमदाबाद (10 लाख से ज्यादा आबादी वाला)
  • सबसे स्वच्छ मध्यम आबादी वाला शहर : उज्जैन (3 -10 लाख की आबादी)
  • सबसे स्वच्छ छोटा शहर : एनडीएमसी दिल्ली (3 लाख से कम आबादी)
  • सबसे स्वच्छ राजधानी : भोपाल
  • सबसे स्वच्छ कैंटोनमेंट : दिल्ली कैंट
  • सबसे स्वच्छ गंगा टाउन : गौचर, उत्तराखंड

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