छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री रहे अजीत जोगी का निधन, कई दिन से कोमा में थे

चैतन्य भारत न्यूज

रायपुर. छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी का आज रायपुर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे कई दिनों पहले ही कोमा में चले गए थे। 9 मई को दिल का दौरा पड़ने के बाद जोगी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

छत्तीसगढ़ गठन के बाद बने पहले मुख्यमंत्री

कभी कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे अजीत जोगी गांधी परिवार के काफी करीबी माने जाते थे इसलिए 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ गठन के बाद वे पहले मुख्यमंत्री भी बने। हालांकि उन्होंने मतभेदों के चलते कांग्रेस छोड़कर खुद की जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) पार्टी बना ली। उनकी पार्टी 2018 के विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। वे परंपरागत मरवाही सीट से विधायक चुने गए थे।

आईएएस छोड़ राजनीति में आए

अजीत जोगी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अफसर थे और मध्यप्रदेश के इंदौर सहित कई जिलों में कलेक्टर रह चुके थे। वे दबंग अफसर माने जाते थे। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संपर्क में आने के बाद वे आईएएस छोड़कर राजनीति में आ गए। एक दौर में वे कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में माने जाते थे। वे 1986 से 1998 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। इस दौरान जोगी कांग्रेस में अलग-अलग पद पर भी रहे। 1998 में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से लोकसभा सांसद चुने गए।

हो चुके हैं गंभीर सड़क हादसे का शिकार

जोगी 5 दिसंबर 2003 तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे। कांग्रेस के सत्ता खोने के बाद 15 सालों तक छत्तीसगढ़ में भाजपा का शासन रहा और इस दौरान जोगी के हाथ से कांग्रेस की पकड़ ढीली होती गई। एक बार वे गंभीर सड़क हादसे का शिकार भी हुए और उसके बाद वे व्हील चेयर पर चलने के लिए मजबूर हो गए। हालांकि जोगी जुझारू नेताओं में रहे और संघर्ष के बाद उबरना उनकी खासियत रही है। सड़क हादसे के बाद वे फिर सक्रिय हुए लेकिन कांग्रेस में उनका विरोध और उनसे मतभेद बढ़ता रहा। अंततः उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी।

पत्नी भी रह चुकी हैं कई बार विधायक

अजीत जोगी ने 2016 में कांग्रेस से बगावत कर अपनी अलग पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का गठन कर लिया। 2018 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने बसपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा। उनकी पत्नी डॉ. रेणु जोगी आंखों की डॉक्टर होने के साथ ही कई बार कांग्रेस से विधायक रह चुकी हैं। वे फिलहाल बिलासपुर के कोटा से विधायक हैं। उनके बेटे अमित जोगी भी राजनीति में हैं और फिलहाल जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेशाध्यक्ष हैं।

गले में इमली का बीज फंसने से बिगड़ी थी तबीयत

बताया जा रहा है कि जोगी रायपुर स्थित अपने बंगले के बगीचे में टहल रहे थे। इस दौरान उन्होंने गंगा इमली खाई, उसका एक बीज उनके गले में जाकर फंस गया था। इसके कुछ देर बाद ही उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। इलाज करने वाले डॉक्टर डॉ. सुनील खेमका ने बताया था कि सांस न ले पाने (रेस्पिरेटरी अरेस्ट) के कारण कुछ देर तक उनके मस्तिष्क में ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पाई। इस वजह से दिमाग को संभावित नुकसान पहुंचा और वे कोमा में चले गए थे।

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