कोरोना से बचाव के लिए मप्र के पूर्व डीजीपी ने सुझाई लेमन थैरेपी, प्रधानमंत्री को भी लिखा पत्र

चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. कोरोना के इलाज में भारतीय चिकित्सा पद्धति यानी आयुर्वेद आदि का महत्व भी प्रतिपादित हुआ है। इसकी औषधियों ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ कोरोना के लक्षणों से निपटने में मदद की है। मध्य प्रदेश के पूर्व डीजीपी (पुलिस सुधार) मैथिली शरण गुप्त ने लेमन थैरेपी को इसके उपचार में कारगर पाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है। उन्होंने इसके फायदे बताते हुए प्रधानमंत्री से अपील की है कि इसे कोरोना के उपचार के प्रोटोकॉल में शामिल किया जाए। गुप्त का दावा है कि इससे एक सप्ताह के भीतर व्यक्ति कोरोना मुक्त हो सकता है।

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में मैथिली शरण गुप्त ने दावा किया है कि वे खुद इस थैरेपी को आजमा चुके हैं। इसके अलावा कई अन्य व्यक्तियों ने भी इस थैरेपी की उपयोगिता को प्रमाणित किया है। वे थैरेपी से पहले नाक का स्वाब सैंपल देकर आरटी-पीसीआर जांच करवाने की सलाह भी देते हैं ताकि इस थैरेपी के कारगर होने की पुष्टि की जा सके।

यह है लेमन थैरेपी

मैथिली शरण गुप्त कहते हैं ‘दोनों नासिकाओं में नींबू की दो या तीन बूंदें डालिए। इसके एक मिनट के भीतर ही उल्टी (वोमिट) हो सकती है। यह एक से तीन बार हो सकती है। इसका मतलब है कि आपके शरीर में अच्छा खासा संक्रमण है और यह अच्छा संकेत माना जाना चाहिए। यदि उल्टी नहीं होती है तो बलगम आदि निकल सकता है। यदि उल्टी नहीं आती है तो इसका अर्थ है कि संक्रमण हल्का है। गले के बलगम को नींबू के पानी में थोड़ा नमक डालकर गरारे कर बाहर कर दें। उल्टी होने पर डिहाड्रेशन की आशंका हो सकती है। इससे बचाव के लिए एक ग्लास पानी में आधा नींबू निचोड़ें और स्वाद अनुसार नमक डालकर पी लें।’

पूर्व डीजीपी कहते हैं कि नींबू के रस में ऐसा तत्व है जो कोरोना वायरस की बाहरी सतह को नष्ट कर रहा है। इसके कारण कोरोना वायरस निष्प्रभावी हो जा रहा है। मैंने स्वयं यह अपने ऊपर आजमाया है। गुप्त के मुताबिक तीन दिन तक सुबह- शाम दो बार नींबू थैरेपी ली जाए। उसके बाद दिन में एक बार लीजिए। दिन में एक बार नींबू की भाप भी लें। संक्रमण यदि फेफड़े में पहुंच गया है। वहां नींबू रस नहीं पहुंच पाएगा। नींबू की भाप फेफड़े में पहुंचकर उसका संक्रमण भी दूर कर सकती है।

गुप्त ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से अपील की है कि इसे छह दिन तक पूरे देश में अधिकांश नागरिकों से करवाया जाए। इससे मनुष्य और वातावरण में यदि यह वायरस है तो खत्म हो जाएगा। इसके अलावा विदेश से आने वाले लोगों में भी इस थैरेपी का प्रोटोकॉल लागू करवाया जाए।

गुप्त के मुताबिक छह दिन थैरेपी लेने के बाद कोरोना टेस्ट करवाएं। इस बात की पूर्ण संभावना है कि यह निगेटिव आएगा। इस दौरान इम्यूनिटी बढ़ाने वाले काढ़ों का सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा व्यक्ति अपने सभी वायटल पैरामीटर को देखते रहें। यदि किसी अन्य कारण से कोई आकस्मिक परिस्थिति निर्मित होती है तो डॉक्टर की सलाह लें। भविष्य में आपको जब भी पुनः कोरोना संक्रमण का संदेह हो तो उस दिन नींबू थैरेपी ले लें। यदि किसी व्यक्ति में कोई अन्य बीमारी है तो उसके इलाज को नजरअंदाज न करें।

पूर्व डीजीपी कहते हैं कि आज हमारा देश कोरोना महामारी की विभीषिका से ग्रसित है। हर रोज लाखों नए कोरोना संक्रमित व्यक्ति संज्ञान में आ रहे हैं। मरने वालों की संख्या हजारों में है, लोगों को बेड, ऑक्सीजन व आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध न होने के कारण भौतिक, मानसिक एवं आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। ऐसे हालातों में मेरी प्रधानमंत्री जी से प्रार्थना है कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाए।

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