पूर्व CBI डायरेक्टर और मणिपुर-नगालैंड के पूर्व राज्यपाल अश्विनी कुमार ने की खुदकुशी, डिप्रेशन से जूझ रहे थे

चैतन्य भारत न्यूज

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के पूर्व निदेशक और हिमाचल के पूर्व डीजीपी 70 वर्षीय अश्विनी कुमार ने बुधवार को खुदकुशी कर ली। उन्होंने शिमला स्थित अपने घर में फंदे पर लटककर खुदकुशी की। शिमला के एसपी मोहित चावला ने कहा कि मणिपुर और नागालैंड के पूर्व राज्यपाल और पूर्व सीबीआई डायरेक्टर अश्विनी कुमार अपने आवास पर फंदे से लटके पाये गए हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने सुसाइड नोट भी छोड़ा है।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अश्विनी ने आत्महत्या की है। हालांकि उनके ऐसा कदम उठाने के पीछे वजह क्या रही, इसका पता नहीं चल पाया है। पुलिस को घटनास्थल से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसे उन्होंने अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। सुसाइड नोट में लिखा गया है कि जिंदगी से तंग आकर अगली यात्रा पर निकल रहा हूं। पुलिस अधीक्षक शिमला मोहित चावला ने पुष्टि करते हुए बताया कि यह हैंगिंग का मामला है और इसकी जांच की जा रही है।

हिमाचल के सिरमौर निवासी अश्विनी कुमार 1973 बैच के आईपीएस ऑफिसर थे। हिमाचल प्रदेश के डीजीपी, सीबीआई के डायरेक्टर समेत कई पदों पर उन्होंने काबिलियत का लोहा मनवाया। अश्विनी कुमार का जन्म सिरमौर के जिला मुख्यालय नाहन में हुआ था। वह आईपीएस अधिकारी थे और सीबीआई एवं एलीट एसपीजी में विभिन्न पदों पर भी रहे। 2006 से 2008 तक वह हिमाचल के डीजीपी भी रहे। अगस्त, 2008 से नवंबर, 2010 के बीच वह सीबीआई के डायरेक्टर रहे थे। वह सीबीआई के पहले ऐसे प्रमुख रहे, जिन्हें बाद में राज्यपाल बनाया गया था। मार्च, 2013 में उन्हें नगालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। हालांकि वर्ष 2014 में उन्हाेंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। इसके बाद वह शिमला में एक निजी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भी रहे।

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