कोरोना के डर से चारों बच्चों को झोपड़ी में बंद कर काम पर गए थे माता-पिता, आग लगने से जिंदा जल गए

चैतन्य भारत न्यूज

पटना. बिहार की राजधानी पटना के पुनपुन थाना क्षेत्र के अलौदिचक इलाके में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। अपने मासूम चार बच्चों को कोरोना की चपेट से बचाने के लिए माता-पिता ने उन्हें एक झोपड़ी में बंद कर दिया लेकिन अचानक झोपड़ी में आग लग गई और चारों बच्चे जिंदा जल गए और उनकी दर्दनाक मौत हो गई।

मरने वाले बच्चों में तीन लड़कियां और एक लड़का है। ये सभी सगे भाई-बहन थे। मृतकों की पहचान 12 वर्षीय डॉली, 8 वर्षीय राखी, 6 वर्षीय आरती और 4 वर्षीय अंकित शामिल है। जानकारी के मुताबिक, बच्चों के माता-पिता मजदूरी करते हैं। कोरोना वायरस के डर से वे चारों बच्चों को घर के अंदर रहने की हिदायत देकर काम पर निकल गए थे।

ऐसे हुआ हादसा

परिवार वालों से बात और पुलिस की शुरुआती जांच के बाद पता चला कि बड़ी बेटी डॉली झोपड़ी के अंदर खाना बना रही थी। उसकी छोटी बहनें और भाई अंदर ही खेल रहे थे। खाना बनाने के समय ही चूल्हे से निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लगी। इसके बाद ही आग ने रफ्तार पकड़ी। चंद मिनटों में पूरी झोपड़ी आग के लपटों से घिर गई। अंदर मौजूद बच्चे इनमें 12 साल की डॉली, 8 साल की राखी, 6 साल की आरती और 4 साल का अंकित चिल्लाने और रोने लगे। जब तक उनकी मदद के लिए आसपास के लोग जुटे, तब तक सभी की मौत हो चुकी थी।

पड़ोसी से मिली खबर

इसके बाद दोनों पति-पत्नी बच्चों को छोड़कर काम पर चले गए थे। जब उन्हें पड़ोसी के जरिए हादसे की जानकारी मिली तो भागे-भागे पहुंचे। एक साथ अपने सभी बच्चों को खो देने के गम में इनका रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

4-4 लाख का अनुग्रह अनुदान

ष्टरू नीतीश कुमार ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मृतक बच्चों के परिजन को 4-4 लाख रुपए का अनुग्रह अनुदान शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।

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