माता लक्ष्मी को करना है प्रसन्न, तो शुक्रवार को इन उपायों को अपनाएं, हमेशा बरसेगी कृपा

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चैतन्य भारत न्यूज

शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी का दिन कहा जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने से धन-संबंधी सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही मां प्रसन्न होकर भक्तों को मनचाहा वरदान देती हैं। यदि आप भी आर्थिक स्थिति में हमेशा सुधार रखना चाहते हैं तो शुक्रवार के दिन आप ये उपाय जरूर अपनाएं। लेकिन एक बात ध्यान रहे आपको ये उपाय रात 9 बजे से रात 12 बजे के बीच ही करना होगा। इससे सभी मनोकामनां हो पूरी हो जाएगी। एक और बात ध्यान रहे कि जब भी आप ये उपाय कर रहे हो तो आपको बीच में कोई भी रोके-टोके नहीं। आइए जानते हैं कैसे करना है ये उपाय-

पहला उपाय-

  • रात को घर के पूजा स्थल पर साफ-सफाई कर चौकी पर एक सफेद रंग का कपड़ा बिछा दें। उस पर कलश रखें।
  • कलश के ऊपर शुद्ध केसर से स्वस्तिक का चिन्ह बनाकर उसमें पानी भर दें।
  • अब कलश में दूर्वा, चावल और एक का सिक्का दाल दें। फिर एक छोटी प्लेट में चावल भरकर उसे कलश पर रख दें।
  • अब उसके ऊपर श्रीयंत्र की स्थापना कर दें।
  • कलश के बाई ओर चार बत्ती वाला एक दीया जलाकर उसकी कुमकुम और चावल से पूजन करें।
  • पूजन के बाद करीब 15 मिनट तक माता लक्ष्मी का ध्यान करें। इससे आपकी सभी मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी।

दूसरा उपाय-

  • अमावस्या के आप चावल की खीर बना लें।
  • फिर उस खीर में एक रोटी को बारिक पीसकर मिला लें।
  • अब खीर को कौओं के खाने के लिए अपने घर की छत पर रख दें।
  • इस उपाय से हमेशा पितरों का आशीर्वाद आप पर बना रहेगा। साथ ही इसे करने से पितृ दोष से मुक्ति भी मिलती है।

तीसरा उपाय-

  • यदि किसी जातक की कुंडली में चंद्र अशुभ हो या फिर किसी दुष्ट ग्रह के प्रभाव से अपना पूरा असर नहीं दे पा रहा है। ऐसे लोगों को अपनी मां से एक मुट्ठीभर चावल दान लेना चाहिए। इससे हमेशा के लिए चन्द्रमा की अशुभवता दूर हो जाती है।

चौथा उपाय-

  • पूर्णिमा या किसी शुभ मुहूर्त वाले दिन चावल को केसर या हल्दी में रंग कर पीला कर लें।
  • एक बात जरूर ध्यान रखें कि सभी चावल में से कोई भी दाना टूटा हुआ न हो।
  • पीला रंगने के बाद अब इन चावलों को किसी मंदिर में जाकर भगवान को समर्पित कर दें।
  • फिर आप भगवान से अपनी मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करें। इससे आपकी समस्याएं जल्दी ही दूर हो जाएंगी।

मां लक्ष्मी को रक्तचन्दन इस मंत्र के साथ समर्पण करें।

रक्तचन्दनसम्मिश्रं पारिजातसमुद्भवम्।
मया दत्तं महालक्ष्मि चन्दनं प्रतिगृह्यताम् ।
ॐ महालक्ष्म्यै नमः रक्तचन्दनं समर्पयामि।

फिर इस मंत्र से लक्ष्मी को पुष्प माला समर्पण कीजिए

माल्यादीनि सुगन्धीनि मालत्यादीनि वै प्रभो ।
ॐ मनसः काममाकूतिं वाचः सत्यमशीमहि ।
ॐ महालक्ष्म्यै नमः । पुष्पमालां समर्पयामि ।

उसके बाद इस मंत्र से मां लक्ष्मी का आवाहन करें।

सर्वलोकस्य जननीं सर्वसौख्यप्रदायिनीम ।
सर्वदेवमयीमीशां देवीमावाहयाम्यहम्।
ॐ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् | यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् ।

 

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