आर्थिक तंगी: पाकिस्तान में दाह संस्कार करना भी हुआ महंगा, शव दफनाने को मजबूर हिंदू लोग, भारत सरकार से की ये मांग

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चैतन्य भारत न्यूज

इस्लामाबाद. पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। खाने-पीने से लेकर हर जरुरी सामान महंगा हो रहा है। पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं के लिए दाह संस्कार करना भी महंगा हो गया है। आलम यह है कि वहां रहने वाले कई हिंदू शवों को दफना रहे हैं, तो वहीं कई लोग अस्थियां प्रवाहित करने के लिए इंतजार कर रहे हैं।



अगस्त, 2019 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 हटा दिया था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई। दोनों देशों के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस व सद्भावना बस भी बंद हो गई। ऐसे में पाकिस्तान में बसे हिंदुओं को अपने मृतक परिजनों की अस्थियां हरिद्वार में गंगा नदी में प्रवाहित करने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने का इंतजार

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के हजारों हिंदुओं ने अपने मृतक परिजनों की अस्थियों को अलग-अलग मंदिरों में रखा हुआ है। वे इन अस्थियों को भारत लाकर गंगा नदी में प्रवाहित करने का इंतजार कर रहे हैं। पाकिस्तान के पंजाब के जिला रहीम यार खान के पूर्व हिंदू सांसद कांजी राम चावला ने एक संदेश भेजा जिसमें उन्होंने बताया कि, ‘बड़ी संख्या में पाकिस्तानी हिंदुओं को उनके धार्मिक परंपराओं व मर्यादाओं के अनुसार अपने प्रियजनों की अस्थियां गंगा नदी में प्रवाहित करने का इंतजार है।’

शवों को दफनाने पर मजबूर हुए हिंदू

पाकिस्तान में आर्थिक तंगी के कारण हिंदू धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार करना बहुत ज्यादा महंगा हो गया है। वहां एक व्यक्ति के दाह संस्कार में 20 से 25 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। इसके अलावा अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने के लिए कई दिनों तक वीजा का इंतजार करना इस्लामाबाद के चक्कर काटना व अस्थियों को हरिद्वार तक ले जाने का खर्च अलग है। ऐसे में ज्यादातर हिंदू लोगों ने सनातन धर्म की परंपराओं के विपरीत अपने परिजनों के शवों को दफनाना शुरू कर दिया है।

भारत सरकार से की यह मांग

चावला के मुताबिक, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान के पंजाब के कुछ शहरों में हिंदुओं को इस बात कि परेशानी है कि वह अस्थियां गंगा में प्रवाहित नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में उनके परिजनों की आत्मा को शांति नहीं मिल पाएगी। चावला ने कहा कि, ‘भारत सरकार पाकिस्तानी हिंदुओं की भावना को समझते हुए इस मुद्दे का जल्द से जल्द समाधान करवाए। इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास हिंदुओं को वीजा जल्द जारी करे।

पाकिस्तान में पांच मिलियन से ज्यादा हिंदू

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में पाकिस्तान में पांच मिलियन से ज्यादा पंजीकृत हिंदू हैं। हालांकि, विभिन्न हिंदू संगठनों का कहना है कि पाकिस्तान में हिंदुओं की वास्तविक संख्या नौ मिलियन से अधिक है। पाकिस्तान में हिंदुओं की कुल आबादी में से 80 फीसदी हिंदू दलित और अन्य अनुसूचित जातियों की है।

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