छत्तीसगढ़ बना ऐसा पहला राज्य जहां खेलों के नाम-नियम संस्कृत में होंगे, क्रिकेट को कंदुकक्रीडा व फुटबॉल को पाद कंदुकम्

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चैतन्य भारत न्यूज

रायपुर. यदि कुछ प्रमुख खेलों के नाम बदलकर उन्हें संस्कृत भाषा में कहा जाए तो सुनने में अटपटा जरूर लगेगा। लेकिन जल्द ही छत्तीसगढ़ में खेलों के नाम बदलकर उन्हें संस्कृत में रखा जाने वाला है। इस राज्य में अब से क्रिकेट, फटुबॉल, वॉलीबॉल जैसे सभी प्रचलित खेलों के नाम और नियम के लिए संस्कृत में तकनीकी शब्दावली होगी।

नए सत्र से छत्तीसगढ़ के स्कूलों में खेलों को उनके प्रचलित नामों की जगह संस्कृत नामों से पुकारने की तैयारी चरम पर है। संस्कृत विद्या मंडलम् व्यापक रिसर्च कर चरणबद्ध तरीके से इसे तैयार करेगा। आमतौर पर तो खेलों के नाम संस्कृत में लेने ही हैं और साथ ही प्रतियोगिताएं के दौरान भी कमेंट्री संस्कृत भाषा में की जाएगी। इसका खास मकसद, प्रदेश में संस्कृत भाषा और संस्कृत की शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसके अलावा खेलों में संस्कृत भाषा का इस्तेमाल कर इसे प्रोत्साहित करना है।

यहां देखिए कुछ खास खेलों के संस्कृत में नाम

  • क्रिकेट – कंदुक क्रीडा
  • फुटबॉल – पाद कंदुकम्
  • बॉस्केटबॉल – हस्तपाद कंदुकम्
  • वॉलीबॉल – अपाद कंदुकम्
  • टेबल टेनिस – उत्पीठिका कंदुकम्
  • बैडमिंटन – खगक्षेपण क्रीडा
  • दौड़ – धावनम्
  • कबड्डी – कबड्डी ध्वनि क्रीडा
  • खोखो – खो ध्वनि क्रीडा
  • कुश्ती – मल्लयुद्धम्
  • लइका मड़ई – बाल मेलापक:

न सिर्फ राष्ट्रीय खेल बल्कि स्थानीय स्तर पर खेले जाने वाले खेलों के नाम और उनके नियम कायदों को भी संस्कृत में अनुवाद किया जाएगा। इन खेलों के नाम को संस्कृत में कैसे बोला जाए इस पर रिसर्च की जाएगी। बता दें क्रिकेट मैच में जोरदार चौके को सिद्ध चतुष्कम्, रन को धावनांक, आउट को निर्गत:, कैच को ग्रहणम्, शानदार शॉट को षुष्ठु प्रहार: कहा जाएगा। यदि गेंद बाउंड्री पार चली गई है तो इसे कंदुक परिधि लंघनम: कहा जाएगा।

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