गांधी जयंती : सरल स्वभाव और अहिंसा के रास्ते चलने वाले महात्मा गांधी, जानें ‘राष्ट्रपिता’ से जुड़ी कुछ खास बातें

चैतन्य भारत न्यूज

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है। गांधी जी के पिता का नाम करमचंद उत्तमचंद गांधी था और वो पोरबंदर के दीवान थे। महात्मा गांधी को प्यार से बापू भी कहते हैं। वह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सबसे प्रमुख व्यक्ति थे। गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए पूरे देश को 200 वर्षो की अंग्रेजों की गुलामी के बाद आजादी दिलावाई थी।


24 वर्ष की उम्र में गांधी जी दक्षिण अफ्रीका गए थे। उन्होंने वहां कानून की पढ़ाई की थी। दक्षिण अफ्रीका से उनकी वापसी 1915 में हुई। फिर गांधी जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए और अपनी मेहनत के दम पर वह कुछ ही समय में कांग्रेस के अध्यक्ष बन गए। गांधी जी ने न सिर्फ भारत की स्वतंत्रता के लिए प्रयास किया, बल्कि उन्होंने समाज में फैली अस्पृश्यता, जातिवाद, स्त्री अधीनता जैसी और भी कई बुराइयों का भी डटकर मुकाबला किया। इसके अलावा, उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए भी महत्वपूर्ण प्रयास किए।

उन्हें भारत में अंग्रेजों का शासन जरा भी नहीं पसंद था। हालांकि, वे हिंसा का रास्ता भी नहीं अपनाना चाहते थे। महात्मा गांधी अहिंसा में विश्वास रखते थे। उन्होंने बेहद ही शांतिपूर्ण तरीके से ब्रिटिश शासन का विरोध किया और भारत को आजादी दिलाने में मदद की। गांधी जी की अविश्वसनीय प्रभावशीलता के कारण ही वह विश्वभर में सभी के लिए प्रेरणा बन गए। फिर उन्होंने महात्मा की उपाधि से सम्मानित किया गया। गांधी जयंती भारत के प्रमुख त्योहारों में से भारत की तीन राष्ट्रीय छुट्टियों में से एक है।

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