गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन देश का पहला ऐसा स्‍टेशन जहां रेलवे ट्रैक पर बना 318 कमरे वाला 5 स्‍टार होटल

चैतन्य भारत न्यूज

गांधीनगर. भारतीय रेलवे तेजी से अपने स्वरूप को बदल रहा है। अब भारतीय रेलवे ने नया कीर्तिमान हासिल करते हुए रेलवे स्टेशन और रेलवे ट्रैक के ऊपर अपना पहला फाइव स्टार होटल बना डाला है। दरअसल गुजरात के गांधीनगर कैपिटल स्टेशन को भारतीय रेलवे ने पूरी तरह से अपग्रेड कर दिया है, जिसे विश्व स्तरीय आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस किया गया है। बता दें यह भारत का पहला पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन है

भारतीय रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पुनर्विकसित गांधीनगर रेलवे स्टेशन के ऊपर नवनिर्मित पांच सितारा होटल और कई अन्य बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। वहीं पुनर्विकसित गांधीनगर राजधानी स्टेशन पर यात्रियों को एक बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए विशेष प्रकार की लाइट की व्यवस्था की गई है।

गांधीनगर रेलवे स्टेशन के उद्घाटन के साथ, देश में सम्पूर्ण स्टेशन परिदृश्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास शहर को बढ़ावा देने वाले घटकों के रूप में कार्य करेगा, निवेश चक्र का निर्माण करेगा, नौकरी के अवसरों का सृजन करेगा और मोटे तौर पर गुजरात राज्य की राजधानी, गांधीनगर की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। यह एक अनूठी परियोजना है, जिसमें आईआरएसडीसी (भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम) के माध्यम से गुजरात सरकार और रेल मंत्रालय की साझेदारी में गरुड़ (गांधीनगर रेलवे और शहरी विकास निगम) नामक एक संयुक्त उद्यम कंपनी का गठन किया गया है।

यात्रियों को मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधा

गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को फाइव स्टार होटल, थीम बेस्ड लाइटनिंग, सभी धर्मों के अनुयायियों के एक प्रेयर हॉल और साथ ही अलग से एक बेबी फीडिंग रूम भी मुहैया कराया जाएगा। रेलवे के अधिकारियों की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई है। इस स्टेशन पर एक एसी लाउंज है जहां पर 40 लोगों के बैठने की सुविधा है। इस स्टेशन की रूपरेखा साल 2016 में तैयार की गई थी। गांधीनगर रेलवे स्टेशन इंडियन रेलवे के उस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसमें स्टेशनों को पूरे हफ्ते वर्ल्ड क्लास ट्रांसपोर्ट और बिजनेस हब्स में बदला जाएगा। इन केंद्रों को ‘रेलोपोलिस’ के तौर पर जाना जाएगा। इन स्टेशनों पर ट्रांसपोर्ट के अलावा कई बिजनेस मौके भी लोगों को मिलेंगे ताकि बड़े निवेश को आकर्षित किया जा सके।

318 कमरे वाला है फाइव स्टार होटल

भारतीय रेलवे ने गुजरात के गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन में रेलवे ट्रैक के ऊपर फाइव स्टार होटल बना कर सभी को चौंका दिया है। यह रेलवे स्टेशन भारतीय रेलवे के वेस्टर्न रेलवे जोन के अंतर्गत आता है। भारतीय रेलवे की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि इस लग्जरी होटल में 318 कमरे होंगे और एक प्राइवेट ऑर्गनाइजेशन की ओर से इसे ऑपरेट किया जाएगा। जानकारी के अनुसार यह होटल 7,400 वर्ग मीटर में फैला है और इसे 790 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। रेलवे के मुताबिक गांधीनगर कैपिटल स्टेशन पर बदलती थीम पर आधारित इस लाइटिंग के साथ बिल्डिंग का बाहरी रूप बड़ा ही खूबसूरत नजर आता है।

दो नई ट्रेनों की होगी शुरुआत

दो नई ट्रेन 16 जुलाई 2021 से शुरू की जा रही हैं। पहली वाराणसी के लिए एक साप्ताहिक सुपरफास्ट और दूसरी वरेथा के लिए एक दैनिक मेमू ट्रेन सेवा की शुरुआत हो रही है। इस क्षेत्र के लिए रेल मंत्रालय के पास कई महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं, और चूंकि गांधीनगर क्षेत्र को स्टेशन के पुनर्विकास की इन पहलों के कारण आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, इसलिए अधिक ट्रेन सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। जानकारी के अनुसार पीएम मोदी वर्चुअल इवेंट के दौरान गांधीनगर-वाराणसी साप्ताहिक सुपरफास्ट ट्रेन और गांधीनगर-वरेथा मेमू ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, गुजरात के सीएम विजय रूपानी समेत कई अधिकारी गांधीनगर में एक समारोह में मौजूद रहेंगे।

निजी कंपनी इसका संचालन करेगी। इसके दोनों तरफ अंडरपास बनाए गए हैं। होटल तक पहुंचने के लिए 1500 यात्रियों को स्टेशन पर हैंडल किया जा सकेगा। इसकी क्षमता 2200 तक बढ़ाई जा सकती है। परियोजना की परिकल्पना पर 2017 में काम शुरू हुआ था। रेलवे स्टेशन 100 फीसद दिव्यांगों के लिए अनुकूल होगा। रेलवे स्टेशन के दोनों ओर 105 मीटर की लोहे की मेहराब लगाई गई हैं, जिनमें कहीं पर जोड़ नहीं है। 1100 मीटर की खुली जगह व एक वातानुकूलित हाल उपलब्ध होगा। सामाजिक व पारिवारिक समारोह के लिए 93 करोड़ रुपये स्टेशन के नवनिर्माण पर खर्च किए गए हैं। स्टेशन पर तीन प्लेटफार्म, दो एस्कैलेटर्स, तीन एलिवेटर व दो पदयात्री सबवे का निर्माण किया गया है। आठ आर्ट गैलरी हैं, जिनमें गुजरात के ऐतिहासिक स्थलों व लोककला का प्रदर्शन किया गया है।

स्टेशन का उद्देश्य पोर्टलैंड पॉज़ोलाना सीमेंट, फ्लाई ऐश ईंटों आदि जैसी टिकाऊ सामग्रियों के उपयोग के माध्यम से प्राकृतिक निर्मित पर्यावरण का संरक्षण करना और ऊर्जा कुशल डिजाइनों, वर्षा जल संचयन और पानी के पुन:उपयोग के माध्यम से पानी, बिजली की आवश्यकताओं को कम करना है।

इस कार्यक्रम के लिए न केवल रेलवे स्टेशनों अपितु बड़े पैमाने पर शहरों और देश के आत्मानिर्भर भारत की ओर बढ़ने के संकल्प और कायाकल्प में सहायता के लिए सार्वजनिक और निजी साझेदारी परियोजनाओं में निर्माणकर्ताओं, निर्माता, अनुबंधकर्ताओं, योजनाकारों, वास्तुकारों, डिजाइनरों, खुदरा विक्रेताओं, विज्ञापनदाताओं, और सबसे महत्वपूर्ण, निवेशकों/डेवलपर्स के समर्थन और सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता है।

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