इसलिए गणपति को लेना पड़ा था ‘गजानन’ अवतार, बड़ी रोचक है इसके पीछे की कहानी

ganesh chaturthi 2019,ganesh ji,bhagwan ganesh ji ka gajanan roop

चैतन्य भारत न्यूज

2 सितंबर से गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई है। प्रत्येक घर में गणेश जी के अलग-अलग स्वरूपों की स्थापना की जाती है। बता दें भगवान गणेश के कुल 8 स्वरुप हैं। इनमें से चौथा स्वरुप ‘गजानन’ है। भगवान गणेश को क्यों गजानन कहा जाता है? आइए जानते हैं इसके पीछे की कहानी-

ganesh chaturthi 2019,ganesh ji,bhagwan ganesh ji ka gajanan roop

गजानन क्यों बने गणेश?

पुराणों में बताया गया कि, कैलाश पर्वत पर शिव और पार्वती के दर्शन लिए कुबेर पहुंचे पर देवी के रूप ने उन्हें हतप्रभ कर दिया और वे उन्हें एकटक निहारने लगे। ये बात देवी पार्वती को पसंद नहीं आई और उनके भय से कुबेर ने अपनी नजरें झुका ली। लेकिन इस दौरान उनके मन में जो लोभ उत्पन्न हुआ उससे लोभासुर नाम का दैत्य उत्पन्न हुआ। इसी लोभासुर ने कालांतर में तीनों लोकों के साथ कैलाश और वैकुंठ को भी जीत लिया।लोभासुर से मुक्ति पाने के लिए देवताओं ने श्री गणेश की उपासना कर उन्हें प्रसन्न किया। तब भगवान गणेश गजानन अवतार में प्रकट हुए और तीनों लोकों के साथ ही बैकुंठ पति और कैलाश पति को भी लोभासुर से मुक्ति दिलाई।

कहा जाता है कि, कुबेर के शरीर से उत्पन्न हुए लोभासुर दैत्य ने गुरु शुक्राचार्य के पास जाकर दीक्षा प्रदान करने का आग्रह किया था। इस दौरान लोभासुर ने भगवान शिव के लिए कठोर तपस्या की और तीनों लोकों में निर्भय रहने का वर मांग लिया।इसके बाद उसने दैत्यों की विशाल सेना एकत्र की जिससे पहले पृथ्वी के समस्त राजाओं को जीता और फिर स्वर्ग पर आक्रमण कर दिया। इंद्र भी लोभासुर से पराजित होकर अमरावती से वंचित हो गए। वहीं अपने ही वरदान से मजबूर शिव भी कैलाश छोड़ने को विवश हुए और गणेश जी के पास पहुंचे।

ganesh chaturthi 2019,ganesh ji,bhagwan ganesh ji ka gajanan roop

इस दौरान सभी देवी देवताओं ने रैभ्य मुनि की सलाह पर गणेश जी की उपसना की। तब प्रसन्न होकर गणपति ने गजानन अवतार लिया और लोभासुर के अत्याचार से मुक्ति दिलाने का वचन दिया। इस बीच गुरु शुक्राचार्य ने गजानन की महिमा बताकर लाभासुर को उनसे मैत्री करने को कहा। लोभासुर ने गजानन की महिमा को समझा और वंदना कर उनकी शरण में चला गया।

ये भी पढ़े…

आखिर क्यों भगवान गणेश ने लिया था महोदर अवतार, जानिए इसके पीछे की कहानी

इस मुस्लिम देश के नोट पर विराजमान हैं भगवान गणेश, जानिए क्या है कारण

माता पार्वती के मैल से हुआ था भगवान गणेश का जन्म, जानिए वे क्यों कहलाएं गजमुख

Related posts