ये हैं भगवान गणेश का ऐसा अनोखा मंदिर जहां लगातार बढ़ रहा है मूर्ति का आकार

kanipakam vinayaka temple,ganesh chaturthi 2019

चैतन्य भारत न्यूज

गणेश उत्सव के इस खास मौके पर हम आपको रोजाना भगवान गणेश के विश्वभर में प्रसिद्द कुछ खास मंदिरों के बारे में बताएंगे। इस कड़ी में हम आपको आज भगवान गणेश के एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं जहां भगवान उनकी मूर्ति का आकार हर दिन बढ़ता जा रहा है।

 

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आंध्रप्रदेश के चित्तूर में एक नदी के बीचों-बीच बने इस मंदिर में भगवान गणेश की मूर्ति विराजमान है। मान्यता के अनुसार, यहां आने वाले भक्तों के कष्टों को भगवान गणपति तुरंत दूर करते हैं। इस मंदिर की स्थापना 11वीं सदी में चोल राजा कुलोतुंग चोल प्रथम ने की थी। बाद में इसका विस्तार 1336 में विजयनगर साम्राज्य में किया गया। जितना प्राचीन ये मंदिर है उतनी ही दिलचस्प इसके निर्माण के पीछे की कहानी भी है।

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ऐसे हुई थी इस मंदिर की स्थापना

मंदिर के निर्माण की कहानी बहुत ही रोचक है। कहा जाता है कि तीन भाई थे। उनमें से एक गूंगा, दूसरा बहरा और तीसरा अंधा था। तीनों ने मिलकर अपने जीवन यापन के लिए जमीन का एक छोटा-सा टुकड़ा खरीदा। जमीन पर खेती करने के लिए पानी की जरुरत थी। इसलिए, तीनों ने उस जगह कुआं खोदना शुरू किया। बहुत अधिक खुदाई के बाद पानी निकला। उसके बाद थोड़ा और खोदने पर एक पत्थर दिखाई दिया। उस पत्थर को हटाने पर खून की धारा बहने लगी। थोड़ी ही देर में सारा पानी लाल हो गया, लेकिन इसी के साथ एक चमत्कार भी हुआ।

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वहां पर उन्हें भगवान गणेशजी की एक प्रतिमा दिखाई दी, जिसके दर्शन करते ही तीनों भाई जो कि गूंगे, बेहरे और अंधे थे वे एकदम ठीक हो गए। जब ये खबर उस गांव में रहने वाले लोगों तक पहुंची तो वे सभी यह चमत्कार देखने के लिए इकठ्ठा होने लगे। इसके बाद सभी लोगों ने वहां प्रकट हुई भगवान गणेश की मूर्ति को वहीं पानी के बीच ही स्थापित कर दिया। कहते हैं बाद में 11वीं सदी के चोल राजा कुलोतुंग चोल प्रथम ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था।

हर दिन बढ़ रहा गणपति का आकार

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कहा जाता है कि इस मंदिर में मौजूद भगवान गणेश की मूर्ति का आकार हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। यहां के लोगों का मानना है कि प्रतिदिन गणपति की ये मूर्ति अपना आकार बढ़ा रही है। इस बात का प्रमाण उनका पेट और घुटना है, जो बड़ा आकार लेता जा रहा है। दरअसल विनायक की एक भक्त श्री लक्ष्माम्मा ने उन्हें एक कवच भेंट किया था, लेकिन प्रतिमा का आकार बढ़ने की वजह से अब उसे पहनाना मुश्किल हो गया है। कहा जाता है कि कोई इंसान कितना भी पापी हो यदि वह कनिपक्कम गणेश जी के दर्शन कर ले तो उसके सारे पाप खत्म हो जाते हैं।

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