गंगा दशहरा 2019 : 75 साल बाद बन रहा यह खास दस दिव्य योग, इस एक उपाय से मिलेगी 10 पापों से मुक्ति

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चैतन्य भारत न्यूज

हिंदू धर्म में गंगा माता को विशेष दर्जा प्राप्त है। यूं तो साल के सभी दिन गंगा नदी के घाटों पर स्नान व पूजा करने के लिए भक्तों की भीड़ रहती है लेकिन मां गंगा की आराधना के लिए एक विशेष दिन होता है। वह दिन है ज्येष्ठ शुक्ल दशमी। इसी दिन भगीरथ के तप के बाद हस्त नक्षत्र में मां गंगा स्वर्ग से धरती पर आईं थीं। गंगा माता के अवतरण दिवस को गंगा दशहरा कहा जाता है। इस बार गंगा दशहरा 12 जून यानी बुधवार को है।

गंगा दशहरा पर होगा दस पापों का नाश

ज्योतिषों के अनुसार, इस बार गंगा दशहरा पर 75 साल बाद दस दिव्य योग का संयोग बन रहा है। दस दिव्य योग में ज्येष्ठ योग, व्यतिपात योग, गर करण योग, आनंद योग, कन्या राशि के चंद्रमा व वृषभ राशि के सूर्य की दशा में महायोग बन रहा है। यह सभी योग गंगा स्नान करने से मनुष्य के दस प्रकार के पापों को नष्ट कर देगा। यह दस पाप हैं काम, क्रोध, लोभ, मोह, ईर्ष्या, ब्रह्महत्या, अवैध संबंध, धोखा, असत्य बोलना और जीव हत्या से मुक्त।

इस दिन जरूर करें गंगा स्नान

गंगा दशहरा पर गंगा नदी में डूबकी जरूर लगानी चाहिए। यदि किसी कारण से गंगा नदी में डूबकी नहीं लगा पा रहे हैं तो किसी नहर या नदी या फिर घर में ही स्नान करते समय बाल्टी में गंगा जल की कुछ बूंदे डालकर स्नान करें। गंगा स्नान के बाद दान-पुण्य अवश्य करें। इस दिन घर पर गंगाजल भरकर लाना शुभ रहता है। जिनके भी घर में वास्तु दोष हैं वे लोग गंगा दशहरा पर घर में गंगा जल का छिड़काव करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।

 

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