जिस गैंगस्टर का नाम सुनते ही सहम जाते थे लोग, उसी को इन चार महिला अफसरों ने घुटनों पर ला दिया

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चैतन्य भारत न्यूज

गुजरात की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) टीम के हाथ रविवार को एक बड़ी कामयाबी लगी। इस तस्वीर में आप जमीन पर बैठे जिस शख्स को देख रहे हैं वह कोई मामूली अपराधी नहीं है बल्कि ये एक खतरनाक गैंगेस्टर है जिसका नाम है जुसब अल्लारखा। इस गैंगस्टर का खौफ गुजरात के जूनागढ़ और आसपास के जिलों में था। इसके खिलाफ जूनागढ़ में 15 से ज्यादा हत्या और लूट के केस दर्ज हैं। पिछले काफी समय से जूनागढ़ के लोगों और पुलिस के लिए ये गैंगस्टर सिर दर्द बना हुआ था। लेकिन अब एटीएस टीम की चार महिला पुलिसकर्मियों ने अपनी बहादुरी की मिसाल पेश करते हुए इस शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है।

जुसब अल्लारखा वारदात को अंजाम देकर जंगल में छिप जाता था। उसे कोई पकड़ न सके इसलिए वह अपने साथ मोबाइल फोन भी नहीं रखता था। जंगल में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए जुसब अल्लारखा घोड़े का इस्तेमाल करता था ताकि गाड़ी के शोर से पुलिस को उसके होने का पता न चल सके। गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने एक टीम बनाई थी। इस टीम में उन्होंने 4 महिला पुलिस इंस्पेक्टर्स संतोक बेन, नितमिका, अरुणा बेन और शकुंतला बेन को शामिल किया। उनकी टीम ने शनिवार देर रात बोटाद के जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

दरअसल, एटीएस को ये खबर मिली थी कि, बोटाद के जंगल में कुछ गैरकानूनी गतिविधियां जारी हैं जिसमें कई नामी बदमाश शामिल हैं। उन्हें ये बताया गया था कि बदमाशों के पास हथियार भी हो सकते हैं। जुसब अल्लारखा को पकड़ने के लिए महिला टीम रात को घने जंगलों में करीब डेढ़ किलोमीटर तक पैदल चली। गाड़ी का इस्तेमाल गोपनीयता के कारण किया नहीं जा सकता था। इसके बाद पूरी टीम जुसब अल्लारखा के ठिकाने के पास छिप गई और फिर उन्होंने सुबह होने का इंतजार किया। जब जुसब अल्लारखा सुबह होने पर अपने ठिकाने से बाहर आया पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इस शातिर अपराधी की गिरफ्तारी के बाद जूनागढ़ पुलिस और वहां के लोगों ने राहत की सांस ली है।

 

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