जनरल बिपिन रावत ने संभाली भारत के पहले CDS पद की कमान, पीएम मोदी ने दी बधाई

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. साल 2020 के पहले दिन पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने दिल्ली स्थित रक्षा मंत्रालय (साउथ ब्लॉक) में आधिकारिक तौर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) पद की कमान संभाल ली है। पदभार ग्रहण करने से पहले बिपिन रावत को सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।



चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद संभालने के बाद बिपिन रावत को देशभर से बधाईयां मिल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें ट्वीटर के जरिए बधाई दी है। साथ ही उनको शानदार सैन्य अफसर बताया है। पीएम मोदी ने लिखा कि, ‘मुझे खुशी है कि जैसे ही हम नया साल और नया दशक शुरू करते हैं, वैसे ही भारत को जनरल बिपिन रावत के रूप में अपना पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ मिलता है। मैं उन्हें बधाई देता हूं और इस जिम्मेदारी के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। वो एक शानदार अफसर हैं, जिन्होंने पूरे जोश के साथ भारत की सेवा की है।’


पीएम मोदी ने इस दौरान कारगिल युद्ध के वीर जाबांज सैन्यकर्मियों को भी याद किया। उन्होंने लिखा कि, ‘आज देश के पहले सीडीएस ने कार्यभार संभाला लिया है। मैं उन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने हमारे राष्ट्र की सेवा के लिए अपनी जान को न्यौछावर कर दिया। मैं कारगिल में लड़े बहादुर जवानों को याद करता हूं, जिनके बाद हमारी सेना में सुधार पर कई चर्चाएं शुरू हुईं, जिससे आज यह ऐतिहासिक काम हुआ।’


पीएम मोदी ने एक और ट्वीट किया कि, ’15 अगस्त 2019 को लाल किले की प्राचीर से मैंने ऐलान किया था कि भारत का एक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होगा। इस संस्था पर हमारे सैन्य बलों के आधुनिकीकरण की जिम्मेदारी होगी। यह 1.3 अरब भारतीयों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करेगी।’


बता दें बिपिन रावत ने पहले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि, ‘हम तीनों सेनाओं को एकजुट करने का प्रयास करेंगे। तीनों सेनाएं एक टीम की तरह काम करेंगे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ को दिए गए कार्य के अनुसार हमें एकीकरण को बढ़ाकर बेहतर संसाधन प्रबंधन करना होगा। सेना राजनीति से दूर रहती है। सेना सरकार के आदेश के तहत काम करती है। तीनों सेनाओं के लिए मेरा व्यवहार एक जैसा होगा।’

क्या है सीडीएस

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी तीनों सेनाओं भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना और भारतीय नेवी का एक प्रमुख। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में गठित की गई अरुण सिंह कमेटी में पहली बार इस पद का प्रस्ताव दिया था लेकिन आने वाली ज्यादातर सरकारों ने इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया। फिर साल 1999 में हुए कारगिल युद्ध के बाद एक बार फिर इसके लिए मांग उठी लेकिन उस समय भी यह लागू नहीं हो सका था। फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को लाल किले की प्राचीर से ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ’ का नया पद बनाने का ऐलान किया।

कैसी होगी सीडीएस की वर्दी

सीडीएस की नई वर्दी तैयार की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, इस वर्दी का रंग ऑलिव ग्रीन होगा। इसमें लगे बैच और अन्य सभी चीजें सेना की वर्दी से पूरी तरह अलग होंगी। एडिशनल डायरेक्टरेट जनरल ऑफ पब्लिक इनफॉरमेशन (एडीजीपीआई) ने मंगलवार को वर्दी पर लगने वाले बैच और दूसरी चीजों की तस्वीर भी जारी की है।


इसका फायदा क्या होगा?

सीडीएस का सबसे बड़ा फायदा युद्ध के समय होगा। युद्ध के दौरान इसके जरिए तीनों सेनाओं के बीच प्रभावी समन्वय कायम किया जा सकेगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रहते हुए किसी भी तरह की कोई खामी नहीं रहेगी और सेना प्रभावी ढंग से दुश्मन से निपट सकेगी। इसके अलावा युद्ध के समय सिंगल प्वॉइंट आदेश जारी किया जा सकेगा, यानी कि तीनों सेनाओं को एक ही जगह से आदेश जारी होगा। इसके जरिए सेना की रणनीति पहले से और ज्यादा प्रभावशाली हो जाएगी। साथ ही इससे कोई कन्फयूजन की भी स्थिति नहीं होगी।

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