आर्मी चीफ पद से जनरल बिपिन रावत हुए रिटायर, मिला गार्ड ऑफ ऑनर, अब संभालेंगे CDS की कमान

bipin rawat

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. 31 दिसंबर 2019 भारतीय सेना के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। आज जनरल बिपिन रावत सेना प्रमुख के पद से रिटायर हो रहे हैं। इसके बाद वह भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ पद की कमान संभालेंगे। साथ ही लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाणे भारतीय थलसेना के 28वें प्रमुख का कार्यभार ग्रहण करेंगे।



जनरल बिपिन रावत और मनोज मुकुंद नरवाणे ने मंगलवार सुबह राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (वॉर मेमोरियल) पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। जनरल बिपिन रावत को साउथ ब्लॉक में सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। 1 जनवरी से यानी नए साल से जनरल बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के तौर पर काम संभालेंगे। इस पद का कार्यभार संभालने से पहले बिपिन रावत ने सभी जवानों को शुभकामनाएं दीं। बता दें बिपिन रावत ने 31 दिसंबर, 2016 में सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला था। उनके तीन साल के कार्यकाल में भारतीय सेना ने कई सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया।

कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे

नए सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे इससे पहले जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन और पूर्वी मोर्चे पर इन्फेंट्री ब्रिगेड की कमान संभाल चुके हैं। अब तक वह पूर्वी कमान का नेतृत्व कर रहे थे, जो चीन से लगने वाली करीब 4000 किलोमीटर लंबी भारतीय सीमा पर नजर रखती है। इसके अलावा मनोज मुकुंद नरवणे श्रीलंका में इंडियन पीस कीपिंग फोर्स का भी हिस्सा थे और तीन साल तक म्यांमार में भी रह चुके हैं। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से पास आउट लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे को अपने 37 साल के कार्यकाल के दौरान ‘सेना मेडल’, ‘विशिष्ट सेवा मेडल’ और ‘अतिविशिष्ट सेवा मेडल’ भी मिला है।

क्या है सीडीएस

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी तीनों सेनाओं भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना और भारतीय नेवी का एक प्रमुख। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में गठित की गई अरुण सिंह कमेटी में पहली बार इस पद का प्रस्ताव दिया था लेकिन आने वाली ज्यादातर सरकारों ने इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया। फिर साल 1999 में हुए कारगिल युद्ध के बाद एक बार फिर इसके लिए मांग उठी लेकिन उस समय भी यह लागू नहीं हो सका था। फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को लाल किले की प्राचीर से ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ’ का नया पद बनाने का ऐलान किया।

इसका फायदा क्या होगा?

सीडीएस का सबसे बड़ा फायदा युद्ध के समय होगा। युद्ध के दौरान इसके जरिए तीनों सेनाओं के बीच प्रभावी समन्वय कायम किया जा सकेगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रहते हुए किसी भी तरह की कोई खामी नहीं रहेगी और सेना प्रभावी ढंग से दुश्मन से निपट सकेगी। इसके अलावा युद्ध के समय सिंगल प्वॉइंट आदेश जारी किया जा सकेगा, यानी कि तीनों सेनाओं को एक ही जगह से आदेश जारी होगा। इसके जरिए सेना की रणनीति पहले से और ज्यादा प्रभावशाली हो जाएगी। साथ ही इससे कोई कन्फयूजन की भी स्थिति नहीं होगी।

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