मुंबई से गोरखपुर जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंच गई ओडिशा, फजीहत होने पर रेलवे ने दी सफाई

shramik special train

चैतन्य भारत न्यूज

मुंबई. 21 मई को मुंबई से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन शनिवार सुबह ओडिशा के राउरकेला पहुंच गई। यात्रियों को भी ट्रेन के मार्ग परिवर्तन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। जब यात्रियों ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो शेयर किए, इसके बाद उनकी दुर्दशा का पता चला। अब इस पूरे मामले में रेलवे का बयान सामने आया है।

सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में से एक में यात्री कह रहा है कि, ‘मुंबई से हमलोग गाड़ी पकड़े थे यूपी के गोरखपुर जाने के लिए और हमें ओडिशा में लाकर खड़ा कर दिया गया है। अभी हमलोग कैसे जाएंगे? क्या करेंगे हमलोग, बहुत परेशानी में हैं हमलोग। रास्ता ही भूल गए ड्राइवर।’ ट्विटर पर इस घटना को लेकर खूब मजाक भी बना। एक यूजर ने लिखा कि, ‘जाना था जापान, पहुंच गए चीन समझ गए ना।’

फजीहत होने पर रेलवे ने दी सफाई

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि मुंबई से गोरखपुर जाने के लिए निकली श्रमिक स्पेशल ट्रेन ओडिशा के राउरकेला पहुंच गई है क्योंकि ड्राइवर रास्ता भूल गया। इसके बाद रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश और बिहार की तरफ ट्रेनों की अधिक संख्या रहती है, ऐसे में इन मार्गों पर भीड़ अधिक होती है। इसी वजह से हमने कुछ ट्रेनों को दूसरे रूट से ले जाने का फैसला किया है और ये अक्सर होता रहता है।’

यात्रियों को दिलाया भरोसा

उन्होंने आगे कहा कि, ‘इस नेटवर्क पर ट्रैफिक जाम हो जाता है, तो उस पर खड़े रहने से अच्छा होता है कि थोड़ा लंबा रूट लेकर तेजी से पहुंच जाएं। ये हमारा एक प्रोटोकॉल होता है। कुछ ट्रेन को हमने डाइवर्ट किया है। हमने पाया कि एक ही रूट पर ट्रेन चलाते रहें तो कोई भी ट्रेन नहीं पहुंच पाएगी। थोड़ा लंबा रूट है, लेकिन ट्रेन अपने गंतव्य पर जरूर पहुंचेगी और यात्रियों को पहुंचाएगी। हम आपको इस बात का भरोसा दिलाते हैं।’

भारतीय रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार

बता दें भारतीय रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब चलती हुई ट्रेन का मार्ग बदल दिया गया हो और इस बारे यात्रियों को जानकारी न दी गई हो। गौरतलब है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन भारत सरकार द्वारा शुरू की गई सेवा है जिसके माध्यम से विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाया जा रहा है।

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