अफवाहों से परेशान एक शहर में गपबाजी पर लगी रोक, नियम तोड़ने पर करनी होगी सड़क की सफाई, भरना होगा जुर्माना

चैतन्य भारत न्यूज।

बिनालोनान (फिलीपींस)।
गपबाजी करना या गॉसिप किसे पसंद नहीं है। कुछ लोगों को तो यह खासतौर पर बहुत पसंद होती है। गपबाजी से फैल रही अफवाहों पर रोक लगाने के लिए फिलीपींस के एक शहर बिनालोलान के प्रशासन ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि रात 10 बजे के बाद गपबाजी की छूट रहेगी। राजधानी मनीला से 200 किमी दूर स्थित छोटे से शहर बिनालोलान के स्थानीय प्रशासन ने यह कदम उठाया है।

यही नहीं, यहां गपबाजी करते हुए पकड़े जाने पर 725 रुपए का जुर्माना देना पड़ेगा और तीन घंटों तक सड़क पर पड़े कचरे को साफ भी करना पड़ेगा। बिनालोलान के स्थानीय प्रशासन ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि यहां गपबाजी के कारण अफवाहें फैल रही थीं। इसकी वजह से मारपीट और हत्या जैसे अपराधों में भी बढ़ोतरी हो रही थी। यह कानून 1 मई से लागू हो गया है।

इस कानून को बिनालोनन के महापौर रेमन गुइको ने पारित करवाया है। उनका मानना है कि गर्मियों के मौसम में सबसे अधिक अफवाह फैलती है, जब लोग पेड़ों के नीचे एक- दूसरे के अफेयर और पैसों के बारे में बात करते हैं। यहां लोग संपत्ति विवाद, पैसा,  रिलेशनशिप और इस तरह के अन्य चीजों के बारे में बेमतलब की बातें कर अपना समय बर्बाद करते हैं। प्रतिबंध लगाकर लोगों को उनकी जिंदगी बेहतर करने का मौका दिया गया है। गुइको के मुताबिक जुर्माना इसलिए लगाया गया है ताकि लोग इस कानून की गंभीरता को समझें। अगल कोई शख्स दूसरी बार गपबाजी करते पकड़ा गया तो जुर्माने की रकम बढ़ाकर 1350 रुपए होगी और आठ घंटे तक साफ-सफाई जैसा काम करना पड़ेगा। महापौर इस बात को लेकर भी आशान्वित हैं कि इस कानून से विवादों और अपराधों की संख्या में कमी आएगी। पिछले दिनों कई लोगों को दंडित किया जा चुका है। नया कानून केवल बिनालोनन तक सीमित नहीं है। इसे सात गांवों में और लागू किया गया है। हालांकि शहर को सभ्य बनाए रखने के लिए रात 10 बजे बाद यह पाबंदी लागू नहीं होगी।

इतना बुरा भी नहीं है गप लड़ाना

सामाजिक विज्ञान के अनुसार गपबाजी किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में संवाद है, जो उस बातचीत का भागीदार नहीं है। जिस व्यक्ति के बारे में बात हो रही है। उसकी अनुपस्थिति में लोग उसके किरदार और बर्ताव के बारे में बातें करते हैं। ये बात अच्छी भी हो सकती है और बुरी भी।

गपशप के माध्यम से संवाद या बातचीत कई बार अहम जानकारियां साझा करने का माध्यम होता है। सामाजिक सहयोग के लिए गपशप आवश्यक है। जो लोग आपस में गप लड़ाते हैं, उनके बीच मजबूत सामाजिक बंधन होता है। यह भी सच्चाई है कि भले ही गप लड़ाने को हिकारत से देखा जाता हो लेकिन, अधिकांश गपबाजी नकारात्मक नहीं होती। यह या तो किसी के बारे में अच्छी बात होती है या फिर निरपेक्ष रहती है। ब्रिटिश सामाजिक जीवन के संवाद पर हुए शोध के अनुसार कुल गपशप में केवल 3-4 प्रतिशत बातों को बहुत खराब पाया गया।

अमेरिका की बाल्टीमोर विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान की प्रोफेसल सैली फार्ले ने एक समाचार माध्यम से चर्चा में बताया कि गप अकसर सच होती है। तो, अगर कोई जानकारी गलत है तो इसे अफवाह माना जाना चाहिए। फार्ले मानती हैं कि गप लड़ाने के बहुत से फायदे होते हैं। जैसे कि वो #MeToo आंदोलन का हवाला देती हैं। वे कहती हैं कि महिलाओं ने इसके माध्यम से यौन शोषण पर पलटवार किया और अपनी ताकत दिखाई।

Related posts