कोरोना ने तोड़ी हजारों साल पुरानी परंपरा, इस साल गोवर्धन में नहीं लगेगा करोड़ी मेला

चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना वायरस के चलते कई ऐसी परंपराएं हैं जिन्हें तोड़ना पड़ रहा है। इस बार मथुरा के प्रमुख तीर्थ स्थल गोवर्धन में हजारों साल पुरानी परंपरा टूट जाएगी। इस महामारी के चलते गोवर्धन में लगने वाले करोड़ी मेले का आयोजन नहीं होगा।

करोड़ों लोग लगाते हैं परिक्रमा

हर साल आषाढ़ शुक्ल पक्ष माह की पूर्णिमा को गोवर्धन में गुरु पूर्णिमा मेले का आयोजन किया जाता है। यह मेला पुलिस व प्रशासन की देख-रेख में लगता है। इस मेले में 5 दिन के अंदर 1 करोड़ से ज्यादा लोग गोवर्धन महाराज की परिक्रमा लगाते हैं। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखकर इस मेले को रद्द करने का फैसला लिया गया है। दरअसल मेले में परिक्रमा के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग नहीं हो पाएगी। साथ ही अलग-अलग जगह से आने वाले श्रद्धालुओं से संक्रमण फैलने के खतरा भी बढ़ सकता है।

लोगों से की परिक्रमा शुरू न करने की अपील

पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और साधु-संतों के साथ एक बैठक की थी जिसमें गोवर्धन मेले पर लगने वाली परिक्रमा को रोकने पर विचार विमर्श किया गया। साथ ही लोगों से कोरोना संक्रमण के चलते परिक्रमा शुरू न करने की भी अपील की। बता दें गोवर्धन की परिक्रमा द्वापर युग से चली आ रही है।

जगन्नाथ रथ यात्रा पर रोक

गौरतलब है कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी सालों से चली आ रही जगन्नाथ रथ यात्रा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि, जनहित और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इस साल रथ यात्रा की इजाजत नहीं दी जा सकती है। अगर हम इस साल यात्रा की अनुमति देते हैं तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करेंगे।’

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