16 साल की ग्रेटा थनबर्ग चुनी गईं टाइम की ‘पर्सन ऑफ द ईयर’, दुनियाभर के शक्तिशाली नेताओं को लगा चुकी हैं फटकार

चैतन्य भारत न्यूज

न्यूयॉर्क. जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर अपनी बुलंद आवाज के जरिए दुनिया को हिला देने वाली 16 साल की स्वीडिश एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग को बड़ा सम्मान मिला है। टाइम मैगजीन ने ग्रेटा को 2019 का ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ घोषित किया है। साथ ही टाइम मैगजीन ने साल के आखिरी महीने के अंक के कवर पेज पर ग्रेटा की तस्वीर भी लगाई है।


सबसे कम उम्र में सम्मान पाने वाली पहली शख्सियत

इसी के साथ ग्रेटा सबसे कम उम्र में यह सम्मान पाने वाली पहली हस्ती बन गईं हैं। उनसे पहले 25 साल के चार्ल्स लिंडबर्ग 1927 ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ चुने गए थे। टाइम मैगजीन से मिले इतने बड़े सम्मान को पाकर ग्रेटा ने कहा कि, ‘हम सिर्फ ये नहीं कह कर जी सकते हैं कि कोई कल नहीं है, क्योंकि कल है। हम यही कह रहे हैं। मैं पूरे विश्व का ध्यान खींचने में सफल रहीं हैं, लाखों अस्पष्ट विचारों को बदला, तत्काल बदलाव का आह्वान कर बेचैनियों को एक वैश्विक आंदोलन में बदल दिया।’

 

‘आपकी इतनी हिम्मत’ भाषण चर्चा में रहा

मैगजीन ने ग्रेटा के लिए लिखा, ‘साल भर के अंदर ही स्टॉकहोम की 16 साल की लड़की ने अपने देश की संसद के बाहर प्रदर्शन किया और फिर विश्वभर में युवाओं के आंदोलन का नेतृत्व किया। यूरोप में ‘फ्राइडेज फॉर फ्युचर’ प्रदर्शन की अगुवाई की थी तो वहीं संयुक्त राष्ट्र में दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं के सामने उनका ‘आपकी इतनी हिम्मत’ भाषण काफी चर्चा में रहा।’

दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्षों को फटकारा

बता दें ग्रेटा इस साल सितंबर में उस समय चर्चा में आईं थीं, जब उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में दुनिया के शक्तिशाली नेताओं पर ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाया था। ग्रेटा ने दुनिया के नेताओं को चेताते हुए पूछा था कि ‘How Dare You?’ और कहा था कि, ‘दुनिया के बड़े देश कार्बन उत्सर्जन को रोक नहीं रहे हैं, जिसके कारण ये मसला हो रहा है।’ ग्रेटा ने दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों को फटकारते हुए कहा था कि, ‘अपनी खोखली बातों से आपने मेरे सपने और मेरा बचपन छीन लिया। लोग त्रस्त हैं, लोग मर रहे हैं, पूरी पारिस्थिति ध्वस्त हो रही है। हम सामूहिक विलुप्ति की कगार पर हैं और आप पैसों के बारे में तथा आर्थिक विकास की काल्पनिक कथाओं के बारे में बातें बना रहे हैं।’ उस कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंतानियो गुतारस भी मौजूद थे।

15 साल की उम्र में प्रदर्शन

इतना ही नहीं बल्कि ग्रेटा इससे पहले अपने देश की संसद के बाहर भी जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर प्रदर्शन कर चुकी हैं। अगस्त साल 2018 में 15 साल की उम्र में ग्रेटा ने स्वीडिश संसद के बाहर प्रदर्शन करने के लिए स्कूल से छुट्टी ले ली थी। उन्होंने अपने हाथ में एक बोर्ड पकड़ रखा था जिस पर लिखा था ‘stronger climate action’ यानी मजबूत जलवायु एक्शन। जैसे ही और बच्चों को इस बारे में मालूम चला तो वे भी ग्रेटा के साथ जुड़ गए।

कई बड़े नेताओं ने कसा तंज

बता दें ग्रेटा की कई बार दुनिया के बड़े नेताओं से बहस भी हो चुकी है। उनके भाषण को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी तंज कसा था। ग्रेटा के इस साहस की दुनियाभर में तारीफ हो चुकी है।

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