टूलकिट केस : 22 वर्षीय दिशा रवि को मिली जमानत, भरना होगा 1 लाख रुपए का मुचलका

चैतन्य भारत न्यूज

‘टूलकिट’ मामले में गिरफ्तार बेंगलुरु की पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को पटियाला हाउस कोर्ट ने आज सशर्त जमानत दे दी है। न्यायाधीश ने दिशा को एक लाख रुपए के मुचलके पर जमानत दे दी। कोर्ट के फैसले पर दिशा के वकील ने यह कहा कि परिवार यह वहन करने में सक्षम नहीं है।

दिशा की एक दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार दोपहर को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से आगे पूछताछ के लिए दिशा की रिमांड बढ़ाने की अपील की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस आज साइबर सेल ऑफिस में निकिता जैकब, शांतनु और दिशा रवि को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। सोमवार को भी दिल्ली पुलिस ने निकिता जैकब और शांतनु से करीब 5 घंटे तक पूछताछ की थी। पुलिस ने सोमवार को दिशा रवि की रिमांड को बढ़ाने की मांग की थी। पुलिस का कहना था कि, हम तीनों को एक साथ बैठाकर पूछताछ करना चाहते हैं। इस दलील को सुनने के बाद कोर्ट ने दिशा रवि की रिमांड एक दिन बढ़ा दी थी।

शनिवार को दिशा रवि के वकील ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से कहा था कि, ‘यह दर्शाने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है कि किसानों के प्रदर्शन से जुड़ा ‘टूलकिट’ 26 जनवरी को हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार है। इसके बाद अदालत ने उसकी जमानत याचिका पर अपना आदेश मंगलवार के लिए सुरक्षित रख लिया था।’ दिशा ने अपने वकील के जरिए अदालत से कहा था कि, ‘यदि किसानों के प्रदर्शन को वैश्विक स्तर पर उठाना राजद्रोह है, तो मैं जेल में ही ठीक हूं। दिल्ली पुलिस द्वारा दिशा की जमानत याचिका का विरोध किए जाने के बाद दिशा के वकील ने यह दलील दी।’

क्या होता है टूलकिट?

‘टूलकिट’ किसी भी मुद्दे को समझाने के लिए बनाया गया एक गूगल डॉक्यूमेंट होता है। यह इस बात की जानकारी देता है कि किसी समस्या के समाधान के लिए क्या-क्या किया जाना चाहिए? यानी इसमें एक्शन प्वाइंट्स दर्ज होते हैं। इसे ही टूलकिट कहते हैं। इसका इस्तेमाल सोशल मीडिया के संदर्भ में होता है, जिसमें सोशल मीडिया पर कैम्पेन स्ट्रेटजी के अलावा वास्तविक रूप में सामूहिक प्रदर्शन या आंदोलन करने से जुड़ी जानकारी दी जाती है। इसमें किसी भी मुद्दे पर दर्ज याचिकाओं, विरोध-प्रदर्शन और जनांदोलनों के बारे में जानकारी शामिल हो सकती है। वर्तमान दौर में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जो भी आंदोलन हो रहे हैं, सभी मामलों में उन आंदोलनों से जुड़े लोग टूलकिट के जरिए ही ‘एक्शन पॉइंट्स’ तैयार करते हैं, और आंदोलनों को आगे बढ़ाते हैं।

कौन हैं दिशा रवि?

22 साल की दिशा रवि एक पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। वो बेंगलुरू की रहने वाली हैं। वे बेंगलुरु के एक निजी कॉलेज से बीबीए की डिग्री धारक हैं। दिशा ‘फ्राइडेज फॉर फ्यूचर इंडिया’ नामक संगठन की संस्थापक सदस्य भी हैं। दिशा ‘गुड वेगन मिल्क’ नाम की एक संस्था में काम करती हैं। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य प्लांट बेस्ड फूड (वेजिटेरियन) को सस्ता और सुलभ बनाना है। ये लोग जानवरों पर आधारित कृषि को खत्म कर उन्हें भी जीने का अधिकार देना चाहते हैं।

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