गुजरात : स्वामीनारायण मंदिर के आश्रम में छप रहे थे नकली नोट, साधु समेत 5 गिरफ्तार

swami narayan mandir

चैतन्य भारत न्यूज

नडियाद (खेड़ा). गुजरात में सूरत क्राइम ब्रांच ने रविवार को नकली नोट छापने के रैकेट का भंडाफोड़ किया। क्राइम ब्रांच ने खेड़ा जिले के एक आश्रम के निर्माणाधीन मंदिर में छापा मारा। पुलिस ने यहां से करीब 70 लाख रुपए की कीमत के 2 हजार के जाली नोट बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने एक साधु और गैंग के मुख्य सूत्रधार समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।



दो महीने से मंदिर में लोगों का आना-जाना बढ़ गया था

साधु का नाम राधारमण स्वामी है। पुलिस के मुताबिक, वह स्वामी नारायण संप्रदाय से जुड़ा है। साथ ही मंदिर भी संप्रदाय के वडताल मंदिर के अधीन ही बताया जा रहा है। हालांकि, वडताल संप्रदाय का इस बारे में कहना है कि, वह मंदिर निजी है और हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। बता दें सूरत पुलिस की क्राइम ब्रांच ने खेडा जिले के मुवाडी स्थित आश्रम में छापा मारा। पिछले करीब चार साल से यहां एक मंदिर बनाया जा रहा है। पुलिस को तब शक हुआ जब पिछले दो महीनों से यहां लोगों का आना-जाना बढ़ गया। हालांकि, धार्मिक स्थल होने के कारण लोगों को यहां कोई गैरकानूनी काम होने का शक नहीं हुआ।

प्रसाद के डिब्बे में करते थे नोटों की डिलीवरी

पुलिस ने बताया कि आश्रम में नोट छापने की मशीन, कलर प्रिंटर लाया गया था। मंदिर में दोपहर और रात में देर से जाली नोट छापे जाते थे। पुलिस के मुताबिक, ये लोग आधी कीमत पर जाली नोट मुहैया करवाते थे। यानी यदि किसी को एक लाख रुपए के जाली नोट चाहिए तो उसे 50 हजार रुपए देने होते थे। यह गैंग अब तक 1 करोड़ 26 हजार रुपए से ज्यादा की कीमत के जाली नोट छाप चुकी है। आरोपित इन जाली नोटों की डिलीवरी प्रसाद के डिब्बे में रखकर करते थे, जिससे किसी को शक न हो। इस गैंग का मुख्य सूत्रधार प्रवीण चाेपड़ा है, जो जाली नोट के मामले में 10 बार पहले भी पकड़ा जा चुका है। वह पहले राजस्थान-महाराष्ट्र पुलिस के द्वारा पकड़ा गया था। प्रवीण का बेटा कालू भी उसके साथ इसी धंधे में लगा था। ये दोनों मिलकर स्वामी के कमरे में जाली नोट छापते थे। पुलिस ने इस मामले में प्रवीण के दाेस्त मोहन वाघुरडे, प्रतीक चोडवडिया काे भी गिरफ्तार किया गया है। जबकि प्रवीण का दूसरा बेटा फरार है।

ऐसे खुली पोल

सूरत पुलिस ने कामरेज क्षेत्र के रहने वाले प्रतीक से 2 हजार रुपए के 203 नकली नोट जब्त किए थे। इन नोटों का मूल्य 4.06 लाख रुपए है। पूछताछ के दौरान प्रतीक ने प्रवीण चाेपड़ा का नाम बताया और फिर धीरे-धीरे पूरी गैंग का पर्दाफाश हो गया। जानकारी के मुताबिक, इस गैंग ने नवरात्रि से जाली नोट छापने का काम शुरू किया था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि साधु राधारमण ने मंदिर आश्रम के निर्माण के लिए भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की धारा 489 (जाली नोटों का जालसाजी) और 120 (b) (षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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