हिमस्खलन की चपेट में आने से शहीद पिता को 3 माह की बेटी ने दी मुखाग्नि, मां और बहन ने दिया अर्थी को कंधा

ranjeet singh

चैतन्य भारत न्यूज

गुरदासपुर. जम्मू-कश्मीर में हिमस्खलन की चपेट में आने से शहीद हुए सेना के पांच जवानों में से एक 26 वर्षीय रणजीत सिंह सलारिया को गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। रंजीत सिंह की तीन महीने की बेटी ने मुखाग्नि दी।



रंजीत जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के उरी सेक्टर में तैनात थे। लेकिन हाल ही में आए बर्फीले तूफान की चपेट में आने से वे शहीद हो गए। तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर शुक्रवार को जब गुरुदासपुर स्थित दीनानगर कस्बे के सिद्धपुर गांव पहुंचा तो इस बहादुर बेटे को देखने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा।

शहीद की तीन माह की बेटी परी ने उन्हें मुखाग्नि दी, वहीं मां और बहन ने अर्थी को कंधा दिया। जैसे ही बच्ची के हाथों शहीद को मुखाग्नि दी गई, भारतीय सेना के जवानों ने उन्हें बंदूकों की सलामी दी। साथ ही रंजीत सिंह अमर रहे और भारत माता की जय के नारे बोले गए।

सूबेदार मेजर रवि सिंह के मुताबिक, रंजीत उन पांच जवानों में थे जो मंगलवार को उत्तरी कश्मीर के माछिल सेक्टर में हिमस्खलन की वजह से चेकपोस्ट में जिंदा दफन हो गए थे। सभी जवानों को बर्फ से निकाल लिया गया लेकिन तमाम कोशिश के बावजूद रंजीत हाइपोथर्मिया (शरीर की वह स्थिति जिसमें तापमान सामान्य से कम हो जाता है) के शिकार हो गए।

शहीद के पिता हरबंस सिंह ने बताया कि, ‘मुझे गर्व है कि मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ है।’ इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर विपुल उज्ज्वल ने कहा कि, सरकार की तरफ से शहीद के परिजनों को सभी सहायता दी जाएगी। पंजाब सरकार की तरफ से भी मदद की जाएगी और शहीद रंजीत सिंह का स्मारक भी बनवाया जाएगा।

jammu kashmir, ranjit singh

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