ग्वालियर : मृतक व्यक्ति से भी वसूली कर रहा नगर निगम, यहां जल्दी अंतिम संस्कार के लिए देनी पड़ रही रिश्वत

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चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना महामारी ने संवेदना, संजीदगी, सहयोग और मानवता जैसे सभी शब्दों को खत्म कर दिया है। इस बीमारी की चपेट में आकर रोजाना कई लोगों की जान जा रही है। मध्यप्रदेश में भी कोरोना वायरस का कहर जारी है। आलम ये है कि अब श्मशान घाट पर लोग शव से भी वसूली कर रहे हैं।

हाल ही में ऐसा मामला ग्वालियर से सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, यहां लक्ष्मीगंज शमशान घाट पर रविवार को जब अंतिम संस्कार के लिए शव पहुंचे तो ग्वालियर नगर निगम के कर्मचारियों ने 4 से 6 हजार रुपए वसूली की। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है।

लक्ष्मीगंज विद्युत शवदाह, गैस शवदाह गृह पर नगर निगम द्वारा पूर्णत: निशुल्क दाह संस्कार किया जाता है, लेकिन इसमें बॉडी के नीचे जो लकड़ी बिछाई जाती है वो परिजनों को लाकर देनी होती है, जिसकी कीमत करीब 500 रुपए के करीब होती है, लेकिन यहां लकड़ी की टाल वाले 500 की जगह 1500 रुपए की वसूली कर रहे हैं, जिसे लेकर नगर निगम ने एफआईआर कराने का आवेदन दिया है।

500 की लकड़ी 1500 में

उपायुक्त नगर निगम डॉ. अतिबल सिंह यादव का कहना है कि विद्युत व गैस शवदाह गृह पूर्णत: निशुल्क है। किसी भी बिचैलिया/बाहरी व्यक्ति को किसी भी प्रकार का भुगतान न करें। किसी अज्ञात व्यक्ति को भावुकता में सीधे पैसे न दें। कृपया आरा मशीन एवं लकड़ी की टालों से सीधा संपर्क कर स्वयं 4-5 लकड़ी क्रय करें।

जल्दी अंतिम संस्कार करने के लिए मांग रहे रिश्वत

गुजरात के सूरत में भी कोरोना कहर बरपा रहा है। शहर के वराछा इलाके में स्थित अश्विनीकुमार श्मशान गृह में अंतिम संस्कार के लिए टोकन लेना पड़ता है। टोकन लेने के बाद लोग अपनी बारी का इंतज़ार करते हैं। आरोप है कि टोकन सिस्टम में भी कुछ लोग रिश्वत देकर अंतिम संस्कार करवा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोग मृतकों के रिश्तेदारों से कह रहे हैं कि अगर आपको अंतिम संस्कार करवाने के घंटो तक लाइन में खड़ा नहीं रहना है तो 1500 से 2000 रुपए देने होंगे।

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