हैती में भूकंप से अबतक 1297 लोगों की मौत, करीब 2800 लोग घायल

चैतन्य भारत न्यूज

लेस कायेस. हैती में शनिवार को 7।2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आने से इमारतें भरभरा कर ढह गई और कम से कम 724 लोगों की मौत हो गई तथा कम से कम 2800 लोग घायल हुए हैं। हैती की नागरिक सुरक्षा एजेंसी के निदेशक जैरी चांडलर की ओर से पहले बताया गया था कि मृतक संख्या 304 है और सबसे ज्यादा लोग देश के दक्षिण में हताहत हुए हैं।

शनिवार को भूकंप आने से कई शहर पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं और भूस्खलन होने से बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है। भूकंप के कारण कोरोना वायरस महामारी से पहले से बुरी तरह प्रभावित हैती के लोगों की पीड़ा और भी बढ़ गई है।

अगले हफ्ते की शुरुआत में संकट और भी बढ़ सकता है

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने कहा है कि भूकंप का केंद्र राजधानी पोर्ट औ प्रिंस से करीब 125 किलोमीटर की दूरी पर था। अगले हफ्ते की शुरुआत में संकट और भी बढ़ सकता है क्योंकि तूफान ग्रेस सोमवार या मंगलवार तक हैती पहुंच सकता है। भूकंप के बाद दिनभर और रात तक झटके महसूस किए जाते रहे। बेघर हो चुके लोग और वे लोग जिनके मकान ढहने के कगार पर हैं, ने खुले में सड़कों पर रात बिताई।

एक महीने की आपात स्थिति की घोषणा

प्रधानमंत्री एरियल हेनरी ने कहा कि वह ऐसे स्थानों पर मदद भिजवा रहे हैं जहां पर शहर तबाह हो चुके हैं और अस्पताल मरीजों से भर गए हैं। प्रधानमंत्री ने पूरे देश में एक महीने की आपात स्थिति की घोषणा की है और कहा है कि जब तक क्षति का आकलन नहीं हो जाता तब तक वह अंतरराष्ट्रीय मदद नहीं मांगेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ शहर तो पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं।

अस्पताल, स्कूल, कार्यालय और गिरजाघर भी प्रभावित

उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस और प्रभावित इलाकों के अस्पताल घायलों का ध्यान रख रहे हैं। उन्होंने इस समय हैती के लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा, ‘‘जरूरतें बहुत ज्यादा हैं। हमें घायलों की देखरेख करनी होगी, भोजन, सहायता, अस्थायी शरण एवं मनोवैज्ञानिक समर्थन देना होगा।’’ चांडलर ने बताया कि कम से कम 860 मकान नष्ट हो गए तथा 700 से ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गए। अस्पताल, स्कूल, कार्यालय और गिरजाघर भी प्रभावित हुए हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूएसऐड प्रशासक सामंथा पॉवर को हैती को अमेरिकी मदद देने के लिए समन्वयक अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है। यूएसऐड नुकसान का आकलन करने और पुनर्निर्माण करने में मदद करेगा। अर्जेंटीना, चिली समेत कई देशों ने मदद की पेशकश की है।

 

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