जन्मदिन विशेष : कभी जमीन पर सोते थे गूगल CEO सुंदर पिचाई, अब मिलती है करोड़ों रुपए सैलरी, पढ़ें उनकी संघर्ष की कहानी

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चैतन्य भारत न्यूज

दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल और उसकी मूल कंपनी अल्फाबेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भारतीय मूल के सुंदर पिचाई का आज जन्मदिन है। पिचाई का जन्म तमिलनाडु के मदुरै में 10 जून 1972 को हुआ था। उनका पूरा नाम सुंदरराजन पिचाई है। जन्मदिन के इस खास मौके पर जानते हैं सुंदर पिचाई की संघर्ष की कहानी के बारे में-

IIT खड़गपुर से किया बीटेक

सुंदर पिचाई की मां लक्ष्मी एक स्टेनोग्राफर और पिता रघुनाथ पिचाई इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। पिचाई ने 1993 में आईआईटी खड़गपुर से बीटेक किया। उसी साल स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिल गई। पिचाई ने वहां से इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री ली और यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया के व्हार्टन स्कूल से एमबीए किया।

अमेरिका जाने से पहले खुद का कंप्यूटर भी नहीं था

सुंदर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि, ‘अमेरिका जाने से पहले उनके पास अपना कंप्यूटर भी नहीं था। उनके परिवार को टेलीफोन कनेक्शन के लिए पांच साल इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि जब उनके घर में फोन लगा तो लगा मानो वह सामुदायिक कनेक्शन हो गया हो। पड़ोसी अपने बच्चों को कॉल करने के लिए आते थे। ऐसी ही बातों से सुंदर की तकनीक की ताकत समझ आई।’

बतौर प्रोडक्ट मैनेजर की थी पहली नौकरी

1995 में जब सुंदर पढ़ाई के लिए अमेरिका गए, तब आर्थिक तंगी के कारण अपनी हर पुरानी चीज इस्तेमाल कर पैसे बचाए। वह पीएचडी करना चाहते थे। लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उन्हें नौकरी करनी पड़ी। पहली नौकरी सुंदर ने एक कंपनी में बतौर प्रोडक्ट मैनेजर की थी। फिर दूसरी कंपनी में बतौर कंसल्टेंट काम किया।

2004 में ज्वाइन किया था गूगल

सुंदर ने अप्रैल 2004 में गूगल ज्वाइन किया था। गूगल में सुंदर पिचाई पहला प्रोजेक्ट प्रोडक्ट मैनेजमेंट और इनोवेशन शाखा में दिया गया। यहां उन्हें गूगल के सर्च टूल को बेहतर बनाने और दूसरे ब्रॉउजर के यूजर्स को गूगल पर लाने का काम दिया गया था। इसी दौरान सुंदर ने कंपनी को सुझाव दिया कि गूगल को अपना ब्राउजर लॉन्च करना चाहिए।

 

गूगल क्रोम को बनाने में अहम भूमिका

फिर गूगल का एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने और 2008 में लॉन्च हुए गूगल क्रोम में सुंदर की अहम भूमिका रही। ऐसे काम और अपने आइडिया से वह गूगल के संस्थापक लैरी पेज की नजरों में आ गए। गूगल में प्रोडक्ट चीफ, एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम प्रमुख जैसे पदों पर रहने के बाद साल 2015 में उन्हें कंपनी का सीईओ बनाया गया। साल 2019 दिसंबर में सुंदर को अल्फाबेट कंपनी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। इस बात की घोषणा गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने की थी। सुंदर के पहले यह जिम्मेदारी गूगल के सह संस्थापक सर्गेई ब्रिन के पास थी। लेकिन गूगल को बनाने वाले लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने परिवार को समय देने का हवाला देकर अपना पद छोड़ दिया और इसी के साथ उनकी जिम्मेदारी सुंदर पिचाई के हाथों में आ गई।

कभी जमीन पर सोने को थे मजबूर

सुंदर ने इंटरव्यू में बताया था, ‘मेरा जीवन साधारण रहा है। वो दुनिया आज की दुनिया के मुकाबले काफी बेहतर थी। बचपन में मेरा एक मामूली था घर था। जिसे किराए पर भी लगाया गया था। मैं और मेरा परिवार जमीन पर ही सोते थे। उन्होंने बताया हमारे पास फ्रिज नहीं था। दूसरे घरों में रेफ्रिजरेटर थे, लेकिन बाद में हमारे यहां रेफ्रिजरेटर आया जो मेरे और परिवार के लिए बहुत बड़ी बात थी।’

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इतनी है सैलरी

सुंदर पिचाई दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले सीईओ हैं। सीईओ सुंदर पिचाई को 2019 में कुल 28.1 करोड़ डॉलर यानी 2,144.53 करोड़ रुपए की सैलरी मिली थी। सुंदर पिचाई दुनिया के सबसे अधिक सैलरी पाने वाले अधिकारियों में शामिल रहे। अल्फाबेट के मुताबिक, इस साल उनका वेतन बढ़ कर 20 लाख डॉलर (15.26 करोड़ रुपए) हो जाएगी।

लॉन्ग-टाइम गर्लफ्रेंड से की शादी

वहीं सुंदर की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनकी पत्नी का नाम अंजलि है। उन्होंने भी आईआईटी खड़गपुर से पढ़ाई की है। फाइनल ईयर में पिचाई ने उन्हें प्रपोज किया था। जिसके बाद उन्होंने अपनी लॉन्ग-टाइम गर्लफ्रेंड से शादी कर ली। ये शादी रीति-रिवाजों के साथ हुई। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पैसे न होने की वजह से सुंदर पिचाई अंजलि से फोन पर बात नहीं कर पाते थे। सुंदर और अंजलि का एक बेटा और एक बेटी है।

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