कमलनाथ सरकार पर संकट: कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह डंग ने दिया इस्तीफा, CM कमलनाथ ने कही ये बात

hardeep singh dang

चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. मध्यप्रदेश में पिछले दो दिनों से सियासी ड्रामे जारी है, जिसके कारण कमलनाथ सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। मध्यप्रदेश के चार लापता कांग्रेस विधायकों में से एक हरदीप सिंह डंग ने अपना इस्तीफा स्पीकर एनपी प्रजापति और मुख्यमंत्री कमलनाथ को भेजा है।

पार्टी पर लगाए ये आरोप

मंदसौर के सुवासरा से दूसरी बार विधायक बने हरदीप सिंह डंग का कहना है कि, वे अपने विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी से दुखी हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा है कि, ‘न मैं कमलनाथ गुट का हूं, न दिग्विजय सिंह और न ही सिंधिया गुट का हूं। मैं सिर्फ कांग्रेस का कार्यकर्ता हूं। इसलिए मुझे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।’ इतना ही नहीं डंग ने यह भी लिखा कि, ‘सरकार बनने के 14 महीने बीतने के बाद भी मेरे विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही है। मंत्री काम करने के लिए तैयार नहीं हैं। दलाल और भ्रष्टाचारी सरकार में बैठे हैं।’

कमलनाथ का बयान

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने डंग के इस्तीफे को लेकर कहा कि, ‘हरदीप सिंह डंग हमारी पार्टी के विधायक हैं। उनके इस्तीफा देने की खबर मिली है। लेकिन, मुझे अभी तक उनका इस संबंध में ना तो कोई पत्र प्राप्त हुआ है, ना उन्होंने मुझसे अभी तक इस संबंध में कोई चर्चा की है और ना प्रत्यक्ष मुलाकात की है। जब तक मेरी उनसे इस संबंध में चर्चा नहीं हो जाती, तब तक इस बारे में कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा।’ बता दें डंग ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का भी समर्थन किया था।

विधानसभा अध्यक्ष बोले- मैं नियमानुसार कदम उठाऊंगा

विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने इस बारे में कहा कि, ‘मुझे सुवासरा विधायक हरदीप सिंह ढंग के इस्तीफा देने की खबर मिली है। उन्होंने मुझसे प्रत्यक्ष रूप से मिलकर इस्तीफा नहीं सौंपा है। जब वे प्रत्यक्ष रूप से मुझसे मिलकर इस्तीफा सौपेंगे तो मैं नियमानुसार उस पर विचारकर आवश्यक कदम उठाऊंगा।’

ये विधायक भी दे सकते हैं इस्तीफा

माना जा रहा है कि अभी कुछ और विधायक भी इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक जो विधायक इस्तीफा दे सकते हैं उनमें ऐंदल सिंह कंसाना (कांग्रेस), रघुराज कंसाना, रणवीर जाटव (कांग्रेस), कमलेश जाटव, बिसाहूलाल (कांग्रेस), गोपाल सिंह, विक्रम सिंह नातीराजा के नाम शामिल हैं।

दिग्विजय सिंह के ट्वीट से शुरू हुआ ड्रामा

बता दें मध्य प्रदेश में सियासी ड्रामा मंगलवार सुबह दिग्विजय सिंह के ट्वीट के साथ शुरू हुआ था। दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगाए और कहा कि, ‘कांग्रेस विधायकों को दिल्ली ले जाया गया।’ फिर जब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शाम को दिल्ली पहुंचे तो मामला ज्यादा गहरा गया। कांग्रेस ने दावा किया कि कांग्रेस के 6, बसपा के 2 और एक निर्दलीय विधायक को गुड़गांव के आईटीसी मराठा होटल में बंधक बनाया।

कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया आरोप

इसके बाद मंगलवार रात कांग्रेस मंत्री जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह को दिल्ली भेजा गया। बुधवार दोपहर को पार्टी के 6 विधायक भोपाल पहुंचे। इनमें सपा के राजेश शुक्ला (बब्लू), बसपा के संजीव सिंह कुशवाह, कांग्रेस के ऐंदल सिंह कंसाना, रणवीर जाटव, कमलेश जाटव और बसपा से निष्कासित राम बाई शामिल थीं।
बाद में कांग्रेस के बिसाहूलाल, हरदीप सिंह डंग, रघुराज कंसाना और निर्दलीय सुरेंद्र सिंह शेरा की लोकेशन नहीं मिल रही थी। इसके बाद दिग्विजय ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि उन्होंने कांग्रेस के 4 विधायकों को जबरन गुड़गांव से बेंगलुरु शिफ्ट किया है।

जानें मप्र विधानसभा की गणित

मप्र में कुल 230 विधायकों वाली विधानसभा में अभी 228 विधायक हैं। इनमें से कांग्रेस के 114, बीजेपी के 107 विधायक हैं। दो विधायक बहुजन समाज पार्टी से भी हैं, जबकि सपा से एक और चार निर्दलीय विधायक भी हैं। वहीं दो सीट विधायकों के निधन के चलते खाली हैं। ऐसे में बहुमत का आंकड़ा 113 है।

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