हरिद्वार महाकुंभ: 6 लाख लोगों ने किया तीसरा शाही स्नान, प्रोटोकॉल्स की उड़ी धज्जियां, 100 से ज्यादा श्रद्धालु और 20 साधु कोरोना पॉजिटिव

चैतन्य भारत न्यूज

मेष संक्रांति के अवसर पर आज गंगा में डुबकी लगाने के लिए बड़ी तादाद में श्रद्धालु हरिद्वार में जमा है। सुबह से ही गंगा स्नान का सिलसिला जारी है। हरिद्वार के हरकी पैड़ी पर आस्था का मेला उस समय लगा हुआ है, जब देश प्रचंड कोरोना विस्फोट की जद में है। स्नान के दौरान भारी भीड़ के बीच भले ही कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन होते दिखा हो, लेकिन इन सब के बीच आईजी का कहना है कि उन्होंने पूरी व्यवस्था के साथ सोशल डिस्टेंसिंग के साथ स्नान का काम कराया है।

कोरोना प्रोटोकॉल्स की धज्जियां उड़ रही

बुधवार सुबह से अब तक करीब 6 लाख लोग आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। बता दें हरिद्वार में भी कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। हरिद्वार में कोरोना के कल 594 नए केस आए। कुंभ में श्रद्धालुओं की भीड़ पर लगातार चिंता जताई जा रही है। तमाम तरह की गाइडलाइन्स की भी बातें की गईं, लेकिन तस्वीरें बता रही हैं कि यहां कोरोना के सारे प्रोटोकॉल्स की धज्जियां उड़ चुकी हैं।

महाकुंभ में 122 लोग पॉजिटिव

जानकारी के मुताबिक, पहले शाही स्नान के बाद हरिद्वार में चल रहे महाकुंभ मेले में कम से कम 102 श्रद्धालु और 20 साधु कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। हेल्थ ऑफिशियल्स के हवाले से कहा गया है कि, महाकुंभ मेले में शिरकत कर रहे धार्मिक संस्थाओं के प्रमुख न तो कोविड टेस्ट करवाने को राजी हो रहे हैं औऱ न ही मॉस्क पहन रहे हैं। इतना ही नहीं इन लोगों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के प्रोटोकॉल का भी पालन नहीं किया जा रहा है।

मरकज से कुंभ की तुलना सही नहीं

राज्य के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा था कि, ‘कुंभ की तुलना मरकज ने नहीं की जा सकती। मरकज़ से जो कोरोना फैला वो इसलिए कि वो बंद कमरे में थे। कुंभ खुले में है इसलिये कोरोना नहीं फैलेगा। मां गंगा की अविरल धारा है, मां गंगा का आशीर्वाद लेकर जाएंगे तो कोरोना नहीं फैलेगा।’

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