कुंभ में बढ़ते कोरोना के मामलों पर PM ने तोड़ी चुप्पी, स्वामी अवधेशानंद गिरी से कहा- अब समाप्त करें मेला

चैतन्य भारत न्यूज

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर बेकाबू हो चुकी है। रोजाना 2 लाख से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं। ना सिर्फ अस्पताल बल्कि श्मशान घाटों में भी जगह नहीं बची है। वेंटिलेटर, रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की किल्लत हो रही है। हरिद्वार में चल रहे महाकुंभ मेले पर भी कोरोना का साया है। इसे देखते हुए अब कुंभ मेले को अब खत्म किया जा सकता है।

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद साधु-संतों से अपील की है कि अब कुंभ को प्रतीकात्मक रखा जाए। मोदी ने महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी से फोन पर बातचीत भी की। उन्होंने कुंभ मेले में संक्रमित पाए जा रहे साधु-संतों का हालचाल भी जाना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।


पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी से आज फोन पर बात की। सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना। सभी संतगण प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग कर रहे हैं। मैंने इसके लिए संत जगत का आभार व्यक्त किया। मैंने प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए। इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी।’

प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने भी सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी शेयर की। उन्होंने लिखा, ‘माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान का हम सम्मान करते हैं। स्वयं एवं अन्य के जीवन की रक्षा महत पुण्य है। मेरा धर्म परायण जनता से आग्रह है कि कोविड की परिस्थितियों को देखते हुए कोरोना के नियमों का निर्वहन करें।’

स्वामी अवधेशानंद ने आगे कहा कि, ‘ज्यादातर स्नान पूरे हो चुके हैं। सिर्फ बैरागियों का स्नान बचा है। इसमें बहुत कम साधु शामिल होंगे और वे भी मानते हैं कि यह स्नान प्रतीकात्मक होना चाहिए।’

अब तक 70 से ज्यादा साधु संक्रमित

बता दें कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए निरंजनी अखाड़े ने 15 दिन पहले ही कुंभ मेला खत्म करने की घोषणा की है। इस अखाड़े के 17 साधु-संत पहले ही संक्रमित हो चुके हैं। अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी भी संक्रमित हैं। अब तक कुंभ मेले में शामिल होने वाले करीब 70 से ज्यादा साधु-संत कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। साथ ही अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर 65 वर्षीय कपिल देवदास की भी मौत भी हो चुकी है।

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